हरियाणा के झज्जर के बादली गांव का रहने वाला मैनपाल उर्फ मैनपाल बादली पुलिस रिकॉर्ड में कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी और दोषी रहा है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और आपराधिक धमकी जैसे मामलों में उसका नाम दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ अलग-अलग दस्तावेजों में 22 से 24 आपराधिक मामलों का उल्लेख है और तीन मामलों में दोषसिद्धि की बात कही गई है।
मैनपाल हिसार सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था, लेकिन 2018 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा। इसके बाद उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए पासपोर्ट हासिल किया और भारत से बाहर चला गया। करीब छह साल तक वह कंबोडिया में रहा, जहां उसने घर और कारोबार भी बनाया। जुलाई 2025 में वीजा रिन्यू कराने के दौरान उसकी पहचान सामने आई और उसे हिरासत में ले लिया गया।
छह हफ्ते की पैरोल, फिर जेल से गायब
मैनपाल को 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी। उसे 29 अगस्त तक वापस जेल पहुंचना था, लेकिन वह तय तारीख पर नहीं लौटा।
इसके बाद 10 सितंबर 2018 को उसके खिलाफ बहादुरगढ़ के सदर थाने में FIR दर्ज की गई। मामला हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके फरार रहने की वजह से मामले की न्यायिक कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम
पैरोल से फरार होने के बाद हरियाणा पुलिस ने मैनपाल की तलाश तेज कर दी। उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने वाले के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।
पुलिस जांच में बाद में सामने आया कि मैनपाल ने कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर विदेश जाने की तैयारी की थी। इसी सिलसिले में गुरुग्राम में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मामला भी दर्ज किया गया।
‘सोनू कुमार’ बनकर बनवाया पासपोर्ट
जांच एजेंसियों के मुताबिक मैनपाल ने कथित तौर पर गुरुग्राम निवासी सोनू कुमार के नाम से फर्जी पहचान तैयार की। इसी पहचान के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने का आरोप है।
इस मामले में गुरुग्राम के सेक्टर 17/18 थाने में FIR दर्ज हुई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इसमें धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक साजिश और पासपोर्ट एक्ट की धाराएं लगाई गईं।
कोलकाता से बैंकॉक और फिर कंबोडिया
फर्जी पहचान और पासपोर्ट के बाद मैनपाल भारत से बाहर निकल गया। जांच में सामने आया कि 7 जुलाई 2019 को उसने कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए उड़ान भरी थी।
पूछताछ में उसके कथित बयान के मुताबिक वह करीब 20 से 22 दिन थाईलैंड में रहा और इसके बाद कंबोडिया चला गया। यहीं से उसकी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू हुआ।
कंबोडिया में बनाया घर और शुरू किया कारोबार
मैनपाल के कथित बयान के अनुसार कंबोडिया पहुंचने के बाद उसकी मुलाकात चेन मेटा नाम की महिला से हुई। दोनों साथ रहने लगे। बाद में उसने सिएम रीप में कारोबार शुरू किया।
जांच में सामने आए उसके कथित बयान के मुताबिक उसने एक डिस्को और एक रेस्टोरेंट भी शुरू किया। करीब एक महीने बाद उसने और चेन मेटा ने मिलकर लगभग 10 हजार डॉलर में एक मकान खरीदा।
यानी भारत में जिस व्यक्ति की तलाश पुलिस कर रही थी, वह कथित तौर पर कंबोडिया में अलग पहचान के साथ घर और कारोबार बनाकर रह रहा था।
कंबोडिया में बने तीन बच्चे
मैनपाल के कथित बयान के मुताबिक कंबोडिया में रहने के दौरान उसके और चेन मेटा के तीन बच्चे हुए। करीब छह साल तक वह वहीं रहा और भारत में चल रहे मामलों से दूर रहा।
लेकिन 2025 में वीजा रिन्यू कराने की प्रक्रिया के दौरान उसकी पहचान सामने आ गई। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
रेड कॉर्नर नोटिस के बाद भारत लाया गया
मैनपाल के खिलाफ भारत की ओर से लुक आउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में उसे कंबोडिया से डिपोर्ट कर भारत लाया गया।
भारत लौटने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसे तीन मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और वह फिलहाल झज्जर जेल में बंद है।
जेल से शादी के लिए मिली कस्टडी पैरोल
जेल लौटने के बाद मैनपाल की कहानी का एक और हिस्सा सामने आया। शादी के लिए उसे सुबह 8 बजे से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल दी गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच झज्जर के दुलीना स्थित एक फार्म हाउस में मैनपाल ने कंबोडिया की रहने वाली मेटाचान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। उसे हिसार सेंट्रल जेल से पुलिस सुरक्षा में फार्म हाउस तक लाया गया।
शादी के दौरान फार्म हाउस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी गई। रिपोर्टों के मुताबिक शादी में करीब 500 मेहमान शामिल हुए।
मैनपाल की मां रोशनी के लिए यह मुलाकात भी भावुक रही। करीब आठ साल बाद उन्होंने अपने बेटे को आमने-सामने देखा।
एक पैरोल से शुरू हुई फरारी, फर्जी पहचान और पासपोर्ट के जरिए विदेश पहुंचने की कहानी आखिरकार वीजा रिन्यू कराने के दौरान खत्म हुई। अब मैनपाल से जुड़े पुराने आपराधिक मामलों और विदेश में उसके रहने के दौरान की गतिविधियों की जानकारी जांच का हिस्सा है।