महाराष्ट्र की सियासत में यह बगावत किसी फिल्मी थ्रिलर जैसी नजर आ रही है। शिंदे गुट आज ही उद्धव सेना के खिलाफ इस ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम देने के मूड में है।
इस पूरे ऑपरेशन का भंडाफोड़ करते हुए शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर दो बेहद आक्रामक पोस्ट किए हैं, जिसने मुंबई से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया है।
संजय राउत ने ट्वीट कर इस इनसाइड स्टोरी का खुलासा किया:
“नांदेड़ हवाई अड्डे पर एक चार्टर्ड विमान उतरता है और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के नाम पर दो सांसदों को लेकर उड़ जाता है। इनकी हैसियत कभी रिक्शे में घूमने की भी नहीं थी, लेकिन ठाकरे नाम की वजह से इनकी कीमत आज इतनी बढ़ गई कि ये निजी विमान से घूम रहे हैं। डरपोक लोमड़ियों को भगा दिया गया है, ये खुद को टाइगर क्यों कहते हैं? हर बात का पूरा हिसाब लिया जाएगा।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए संजय राउत ने बागी सांसदों पर पैसों के लेन-देन का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। राउत ने दावा किया कि शिवसेना और टीएमसी के ब्रांड लेबल की वजह से इन सांसदों के भाव बढ़े हैं।
राउत ने लिखा:
“अपना सपना मनी मनी! हर सांसद के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस 50 करोड़ रुपये तय है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये तो बस एडवांस के तौर पर दिए जा चुके हैं। सच कहूं तो ये लोग 50,000 रुपये के भी लायक नहीं हैं।”
राउत ने आगे बताया कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि हर सांसद को 15-15 करोड़ रुपये एडवांस देकर नांदेड़ और पुणे समेत तीन अलग-अलग जगहों से चार्टर्ड फ्लाइट्स में दिल्ली रवाना किया गया है।
दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, उद्धव कैंप के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों का पाला बदलना लगभग पक्का हो चुका है। शिंदे गुट से जुड़ने वाले संभावित चेहरों की लिस्ट इस प्रकार है:
यह सभी बागी सांसद दिल्ली में एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे से मुलाकात के बाद सीधे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलेंगे और उन्हें अपना समर्थन पत्र सौंपेंगे।
इस महा-संकट को भांपते हुए उद्धव ठाकरे कैंप ने भी कानूनी घेराबंदी शुरू कर दी है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को संविधान की रक्षा के बहाने एक पत्र लिखा है।
अरविंद सावंत ने मीडिया से कहा, “अब तक पार्टी के किसी भी नेता या सांसद ने आधिकारिक तौर पर हमें यह नहीं बताया है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं।” वहीं, संजय राउत ने साफ किया कि कल होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए पार्टी ने सख्त ‘व्हिप’ जारी कर दिया है, ताकि बागी सांसदों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
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