लखनऊ। हाल ही में 13 जुलाई को शुरू हुए लगभग 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है। उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर सड़क के 5 बार धंसने के बाद अब पेचवर्क (मरम्मत) वाले हिस्से को टेबल फैन (पंखा) लगाकर सुखाने की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वायरल वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर करते हुए योगी सरकार और भारतीय जनता पार्टी की ढांचागत विकास नीति पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव का सरकार पर तंज-‘यह बीजेपी की तरक्की की नई हवा’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वायरल वीडियो को साझा करते हुए लिखा:
“यह भाजपाइयों की तरक्की की नई हवा है! जिस सड़क का उद्घाटन हुए अभी दो-तीन सप्ताह ही बीते हों, उस पर रफ्तार से सफर करने का जोखिम कौन उठाएगा? निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि मरम्मत वाले हिस्से को पंखों से सुखाया जा रहा है, जो अपने आप में हास्यास्पद है।”
अखिलेश यादव ने अटल प्रोग्रेस-वे योजना पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि बीजेपी शासन में सरकारी परियोजनाओं और ढांचागत निर्माण में भारी वित्तीय व तकनीकी लापरवाही बरती जा रही है।
ग्राउंड ज़ीरो के हालात: बंद हुई एक लेन, टोल वसूली पर लगी रोक
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किलोमीटर-64 के पास सड़क की सतह खिसकने और धंसने के बाद ग्राउंड ज़ीरो पर व्यवस्था पटरी से उतरी हुई नजर आई:
- ट्रैफिक डायवर्जन: प्रभावित हिस्से पर एक तरफ की कैरिजवे/लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। दोनों दिशाओं के वाहनों को विपरीत लेन से निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को यू-टर्न लेकर धीमी गति से चलना पड़ रहा है।
- टोल पर बड़ा फैसला: 275 रुपये प्रति यात्रा टोल दर निर्धारित किए जाने के बावजूद, हादसों व अव्यवस्था को देखते हुए NHAI ने मरम्मत पूरी होने तक टोल टैक्स की वसूली पर तत्काल रोक लगा दी है।
NHAI का सख्त एक्शन: अधिकारी सस्पेंड, कंपनी को बैन करने की सिफारिश
लगातार उठ रहे सवालों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है:
- कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गाज: निर्माण एजेंसी PNC इंफोटेक (PNC Infratech) के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) को उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की सिफारिश भेजी गई है।
- 3 करोड़ का जुर्माना: एक्सप्रेसवे की मरम्मत पर आने वाला लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च और टोल बंद होने से हुए नुकसान की भरपाई संबंधित निर्माण कंपनी से ही वसूली जाएगी।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया गया है, जबकि पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को चार्जशीट दी गई है। वहीं प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता और स्वतंत्र अभियंताओं की टीम को 2 साल के लिए NHAI प्रोजेक्ट्स से ब्लैकलिस्ट/प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बारिश बनी वजह या तकनीकी खामी? IIT खड़गपुर करेगी जांच
NHAI के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के नीचे की मिट्टी तक पानी पहुंच गया, जिससे मिट्टी की पकड़ कमजोर हुई और स्लिपेज (धंसाव) की समस्या आई।
हालाँकि, वास्तविक कारणों और ढांचागत कमजोरी का पता लगाने के लिए IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) के विशेषज्ञों की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरी सड़क की स्थिति जानने के लिए ‘लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक’ (Laser Profilometer Technology) से परीक्षण कराया जा रहा है।