लखनऊ आशियाना मर्डर केस
नवाबों के शहर लखनऊ का आशियाना इलाका एक बार फिर गोलियों की गड़गड़ाहट नहीं, बल्कि चीखों से दहल उठा है। जिस ससुराल को दामाद का मान-सम्मान माना जाता है, वही घर 30 वर्षीय विष्णु यादव के लिए कत्लगाह बन गया।
पत्नी, ससुर और सालियों ने मिलकर जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया, उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। आइए जानते हैं क्या है इस रोंगटे खड़े कर देने वाले आशियाना मर्डर केस की पूरी कहानी।
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र के सेक्टर-आई में मंगलवार को जो हुआ, उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। प्रतापगढ़ के रहने वाले 30 वर्षीय विष्णु यादव को उसके ससुर तीर्थ नाथ ने घर बुलाया था। विष्णु को लगा होगा कि शायद कोई पारिवारिक मनमुटाव सुलझ जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी मौत के बुलावे पर जा रहा है।
घर पहुँचते ही किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते विष्णु को चारों तरफ से घेर लिया गया। ससुर, पत्नी और सालियों ने मिलकर विष्णु पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड (Iron Rod) से हमला बोल दिया। सिर पर हुए जोरदार वार के कारण विष्णु लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, विष्णु यादव और तीर्थ नाथ की बेटी के बीच चार साल पहले प्रेम संबंध थे, जिसके बाद दोनों ने भागकर या मर्जी से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में दरार आने लगी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। इसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने के नाम पर मंगलवार को विष्णु को बुलाया गया था। जो प्रेम विवाह चार साल पहले सात जन्मों के वादे के साथ शुरू हुआ था, उसका अंत इतना खौफनाक होगा, यह सोचकर ही इलाके के लोग सहमे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों के अनुसार, सेक्टर-आई स्थित घर से विष्णु की चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। जब तक आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ते या मामला समझ पाते, हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो चुके थे। लहूलुहान हालत में विष्णु को देख पुलिस को सूचना दी गई। विष्णु यादव हत्या की खबर फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और तनाव का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
अभी हाल ही में आशियाना के सेक्टर-एल में 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की हत्या का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इस Lucknow Murder ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाकों में इस तरह की हिंसक वारदातें आम नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा रही हैं।
यह पूरी घटना पारिवारिक रंजिश और गुस्से का नतीजा है। ससुराल वालों ने हत्या की इस साजिश को जिस बेरहमी से अंजाम दिया, वह सोची-समझी रणनीति लगती है। प्रेम विवाह के बाद उपजा मनमुटाव इस हद तक बढ़ गया कि एक पूरे परिवार ने मिलकर अपने ही दामाद की जान ले ली। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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