नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव का सीधा असर अब आपकी रसोई तक पहुँच गया है। तेल और गैस के आयात में आ रही बाधाओं के बीच, भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) वितरण और सब्सिडी को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। 1 मई 2026 से लागू होने वाले ये नियम न केवल आपकी बुकिंग के तरीके को बदल देंगे, बल्कि कुछ लोगों के कनेक्शन भी कट सकते हैं।
1. ‘डबल फ्यूल’ पर कड़ा प्रहार: सिलेंडर या पीएनजी?
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एक ही घर में दो तरह के गैस कनेक्शन नहीं चलेंगे।
- नियम: यदि आपके घर में पहले से PNG (पाइप वाली प्राकृतिक गैस) का कनेक्शन है, तो आपको अपना एलपीजी सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा।
- कार्रवाई: तेल कंपनियां डेटाबेस को मैच कर रही हैं। अगर आपके पास दोनों कनेक्शन पाए जाते हैं, तो तेल कंपनियां आपकी एलपीजी सप्लाई बंद कर देंगी। इसका उद्देश्य सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकना है।
2. बिना e-KYC नहीं मिलेगा रिफिल
अब केवल बुकिंग करना काफी नहीं होगा। सरकार ने आधार बेस्ड ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है।
- अधूरा वेरिफिकेशन: जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं है, उन्हें सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी।
- जून 2025 का अलर्ट: जिन परिवारों ने जून 2025 से पहले सिलेंडर रिफिल करवाया था और उसके बाद से सक्रिय नहीं हैं, उन्हें ‘निष्क्रिय’ माना जाएगा। ऐसे यूजर्स को दोबारा सिलेंडर पाने के लिए वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
3. ‘ओटीपी’ के बिना घर नहीं आएगा सिलेंडर
अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित सिस्टम को अनिवार्य किया जा रहा है।
- सिलेंडर की डिलीवरी के समय आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा।
- यह कोड डिलीवरी बॉय को देने के बाद ही आपको गैस सिलेंडर सौंपा जाएगा।
- इसका मकसद घरेलू सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और कमर्शियल इस्तेमाल को रोकना है।
4. बुकिंग के बीच बढ़ेगा ‘गैप’
जमाखोरी रोकने के लिए तेल कंपनियां दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच के न्यूनतम समय अंतराल (Minimum Gap) को भी बढ़ा रही हैं। इससे उन लोगों पर लगाम लगेगी जो जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा कर लेते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए चेकलिस्ट: क्या करें?
मुसीबत से बचने के लिए तुरंत ये कदम उठाएं:
- KYC अपडेट: अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर आधार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें।
- मोबाइल नंबर: सुनिश्चित करें कि आपका सही मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में रजिस्टर्ड है ताकि ओटीपी मिल सके।
- बैंक लिंक: सब्सिडी के लिए आधार को बैंक खाते से लिंक रखें।
- सरेंडर: यदि पीएनजी कनेक्शन ले लिया है, तो पुराना एलपीजी कनेक्शन खुद ही सरेंडर कर दें ताकि पेनाल्टी से बच सकें।
वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे गैस की कीमतों में उछाल और ‘पैनिक बाइंग’ जैसी स्थिति बनी है। सरकार के इन नए नियमों का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमित संसाधनों का लाभ केवल जरूरतमंद और वैध उपभोक्ताओं को ही मिले।