नई दिल्ली: रोबोटिक्स की दुनिया में अब बड़े आकार और इंसानी रूप वाले रोबोट के साथ छोटे और अनोखे रोबोट भी तेजी से चर्चा में आ रहे हैं। AI कंपनी Hugging Face ने Microduck नाम का ऐसा रोबोट पेश किया है, जो देखने में बिल्कुल छोटी बत्तख जैसा नजर आता है। खास बात यह है कि इसका बत्तख जैसा मुंह सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि यह ग्रिपर की तरह काम करता है और रोबोट इससे 800 ग्राम तक वजन उठा सकता है। कंपनी ने इसे 399 डॉलर यानी करीब 38,000 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया है।
Microduck की सबसे खास बात इसकी सीखने की क्षमता है। इसे केवल पहले से तय काम करने वाला रोबोट नहीं बनाया गया है, बल्कि नए काम और व्यवहार सिखाने के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए रीइन्फोर्समेंट लर्निंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Microduck की लंबाई करीब 25 सेंटीमीटर है और इसका वजन 800 ग्राम से कम है। Hugging Face ने इसे रिसर्चर्स, डेवलपर्स और फिजिकल AI में रुचि रखने वाले लोगों के लिए किफायती प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया है।
कंपनी का उद्देश्य ऐसे रोबोट के साथ प्रयोग को आसान बनाना है, जो वास्तविक दुनिया में काम कर सके और जिसकी कीमत बड़े रोबोट की तुलना में कम हो।
Hugging Face के CEO Clem Delangue के अनुसार, Microduck एक ओपन सोर्स रोबोट है। यानी लोग इसके व्यवहार और क्षमताओं में अपनी जरूरत के मुताबिक बदलाव और प्रयोग कर सकते हैं।
किसी नए काम या व्यवहार को पहले सिमुलेशन में Microduck को सिखाया जा सकता है। इसके बाद उस प्रशिक्षण को परखा जाएगा और सफल होने पर सीखे गए व्यवहार को असली Microduck रोबोट में स्थानांतरित किया जा सकता है।
कंपनी इसके लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट, सिमुलेशन वातावरण और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग से जुड़े उपकरण भी ओपन सोर्स के तौर पर उपलब्ध करा रही है।
आकार छोटा होने के बावजूद Microduck में कई उन्नत हार्डवेयर दिए गए हैं। रोबोट में कुल 15 मोटर हैं। इसके अलावा इसमें एक छोटा LiDAR सेंसर, एक कैमरा और दो इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट यानी IMU मौजूद हैं।
ये सेंसर रोबोट को अपनी गतिविधियों को समझने और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके बत्तख जैसे मुंह को भी खास तरीके से डिजाइन किया गया है। आर्टिकुलेटेड बीक ग्रिपर की तरह काम करता है, जिससे Microduck 800 ग्राम तक वजन वाली वस्तु उठा सकता है।
Microduck का आकार और बत्तख जैसा डिजाइन इसे पहली नजर में मनोरंजन के लिए बनाया गया छोटा रोबोट जैसा बना सकता है, लेकिन इसकी क्षमताएं इसे रिसर्च और फिजिकल AI के प्रयोगों के लिए भी उपयोगी बना सकती हैं।
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, सिमुलेशन और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग की सुविधा के जरिए डेवलपर्स और रिसर्चर्स इसके साथ नए व्यवहार और कामों पर प्रयोग कर सकते हैं।
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