सेउटा: स्पेन के सेउटा में प्रवासियों को लेकर तनाव हिंसक टकराव में बदल गया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रवासियों के एक कैंप में आग लगा दी और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। हिंसा के बाद कई प्रवासी समुद्र किनारे स्थित एक घाट की ओर चले गए। इसी दौरान करीब 70 लोगों ने पत्थरों और अन्य चीजों से एक सैन्य वाहन पर हमला किया। यह घटना मोरक्को से उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के इलाके सेउटा में बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के करीब एक महीने बाद हुई है।
स्पेनिश टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में समुद्र तट पर प्रदर्शनकारियों का एक समूह दिखाई दिया, जो आग में सामान और अन्य चीजें फेंक रहा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया, जिसके बाद प्रवासी एक घाट की तरफ चले गए।
सेउटा पुलिस के एक प्रवक्ता ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया कि गुरुवार को करीब 70 लोगों ने एक सैन्य वाहन पर पत्थरों और अन्य चीजों से हमला किया। इस दौरान तनाव और बढ़ गया।
स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने रेड क्रॉस की उन गाड़ियों को समुद्र तट तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की, जो प्रवासियों के लिए खाना लेकर जा रही थीं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में स्पेन के झंडे थे और वे प्रवासियों को वापस भेजने तथा रेड क्रॉस को इलाके से हटाने की मांग वाले नारे लगा रहे थे।
जुलाई में 70,000 से ज्यादा प्रवासी यूरोप के मुख्य भूभाग तक पहुंचने की उम्मीद में गैर-कानूनी तरीके से सेउटा में दाखिल हुए थे। इनमें से ज्यादातर बाद में मोरक्को लौट गए, लेकिन अब भी कई हजार प्रवासी सेउटा की सड़कों और समुद्र तटों पर रह रहे हैं।
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में सरकार इन प्रवासियों की संख्या 7,000 से कम बता रही है। वहीं, सेउटा के स्थानीय अधिकारियों का दावा है कि वहां कम से कम 10,000 प्रवासी मौजूद हैं। सेउटा की कुल आबादी करीब 84,000 है।
सेउटा के हालात को लेकर स्पेन की सरकार पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। कंजर्वेटिव विपक्ष प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने और सेउटा के निवासियों को मुश्किल हालात में छोड़ देने का आरोप लगा रहा है।
मैड्रिड ने हाल के दिनों में प्रवासियों की पहचान करने और यह तय करने की प्रक्रिया तेज की है कि किन लोगों को मोरक्को वापस भेजा जाएगा। सरकार ने अकेले रह रहे उन नाबालिगों की सहायता के लिए अतिरिक्त धनराशि भी मंजूर की है, जो विशेष सुरक्षा के हकदार हैं।
सेउटा का यह संकट ऐसे समय में सामने आया है, जब स्पेन में अगले साल आम चुनाव होने हैं। प्रवासियों की बढ़ती संख्या ने देश में राजनीतिक मतभेदों को और गहरा कर दिया है। कंजर्वेटिव विपक्ष सरकार से प्रवासन के मुद्दे पर और सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहा है।
जुलाई में प्रवासियों की भारी आमद के बाद यूरोपीय संघ के भीतर भी सेउटा की स्थिति से निपटने को लेकर तनाव बढ़ गया था। अब स्थानीय स्तर पर बढ़ती हिंसा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर स्पेन की सरकार के सामने चुनौती और बढ़ा दी है।
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