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15 दिन सिर्फ पानी के सहारे रही, घट गया 20 किलो वजन… फिर बिगड़ा दिमाग का संतुलन, पेंगुइन जैसी हो गई चाल

नई दिल्ली: चीन से वजन घटाने को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने तेजी से वजन कम करने के खतरनाक तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेनान प्रांत की 31 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर 15 दिनों तक सिर्फ पानी पीकर रहने का फैसला किया। इस दौरान उसका वजन करीब 20 किलो कम हो गया, लेकिन इसके साथ ही उसकी सेहत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे याददाश्त में परेशानी, उलझन, आंखों की मूवमेंट में दिक्कत और चलने में गंभीर समस्या होने लगी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने विटामिन बी1 की गंभीर कमी से जुड़ी वर्निके एन्सेफैलोपैथी की पहचान की।

20 किलो वजन कम हुआ, लेकिन शरीर ने दे दिए खतरे के संकेत

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने वजन कम करने के लिए करीब 15 दिनों तक खाना लगभग पूरी तरह छोड़ दिया था। वह सिर्फ पानी के सहारे रह रही थी। शुरुआत में तेजी से वजन कम होने पर उसे लगा कि उसका तरीका असर कर रहा है।

लेकिन कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे चीजों को समझने और याद रखने में परेशानी होने लगी। आंखों को सामान्य तरीके से घुमाने में भी दिक्कत आई। इसके बाद चलने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सामान्य तरीके से चल नहीं पा रही थी।

हालत गंभीर होने पर उसे झेंगझोउ यूनिवर्सिटी के फर्स्ट एफिलिएटेड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों ने बताई विटामिन B1 की गंभीर कमी

अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला में वर्निके एन्सेफैलोपैथी की पहचान की। यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जो शरीर में विटामिन B1 यानी थायमिन की कमी से जुड़ी हो सकती है।

लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं मिलने पर शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और दूसरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इसका असर दिमाग और नर्वस सिस्टम पर भी पड़ सकता है। भ्रम, याददाश्त में परेशानी, आंखों की गतिविधियों में दिक्कत और चलने में असंतुलन इसके संभावित लक्षणों में शामिल हैं।

महिला का इलाज करने वाली न्यूरोलॉजिस्ट सन गुइफांग के मुताबिक, उसकी चाल असामान्य हो गई थी और वह कुछ हद तक पेंगुइन जैसी चाल से चलती दिखाई दे रही थी। डॉक्टर ने यह भी बताया कि इलाज के बाद सुधार होने के बावजूद कुछ मामलों में चलने से जुड़ी परेशानी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

वजन घटाने के लिए ‘बिगु’ से हुई प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने डॉक्टरों को बताया कि वह ‘बिगु’ नाम की पुरानी ताओवादी प्रथा से प्रभावित थी। पारंपरिक तौर पर इसमें अनाज से दूरी बनाने की बात कही जाती है। हालांकि, इसके कुछ आधुनिक रूपों में लंबे समय तक भोजन छोड़ने जैसे तरीके भी अपनाए जाने लगे हैं।

सोशल मीडिया पर भी लंबे फास्ट और सिर्फ पानी के सहारे वजन घटाने जैसे कई तरीके तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। कुछ लोग इन्हें वजन कम करने या शरीर को ‘डिटॉक्स’ करने का तरीका बताते हैं। लेकिन लंबे समय तक पर्याप्त भोजन न लेना शरीर के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

सिर्फ पानी पीकर रहना क्यों हो सकता है खतरनाक?

शरीर के लिए सिर्फ पानी पर्याप्त नहीं है। उसे ऊर्जा के अलावा प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे जरूरी पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है।

लंबे समय तक खाना छोड़ने पर विटामिन B1 की कमी हो सकती है, जिसका असर दिमाग और नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ना भी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में दिल, दिमाग और दूसरे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं।

पहले भी सामने आ चुके हैं लंबे फास्ट के मामले

चीन में लंबे समय तक खाना छोड़ने से जुड़ी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2020 में हेइलोंगजियांग प्रांत में 26 वर्षीय एक व्यक्ति ने कथित तौर पर 52 दिनों तक सिर्फ पानी का सेवन किया था। बाद में उसकी हालत गंभीर हो गई और उसमें डिमेंशिया जैसे लक्षण दिखाई देने की बात सामने आई थी।

इसी तरह झेजियांग प्रांत में हाल ही में एक महिला के बारे में भी रिपोर्ट सामने आई थी, जिसने एक सप्ताह की फास्टिंग के दौरान कथित तौर पर ‘एनर्जी पिल’ का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसे आंतों से जुड़ी गंभीर समस्या, ब्लड इंफेक्शन और पोटैशियम का स्तर खतरनाक रूप से कम होने जैसी परेशानियां हुई थीं।

20 किलो वजन घटाना उपलब्धि नहीं, सेहत बिगड़ने का संकेत भी हो सकता है

इस मामले ने तेजी से वजन घटाने के लिए अपनाए जाने वाले इंटरनेट ट्रेंड्स को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कम समय में कई किलो वजन कम होना भले ही आकर्षक लगे, लेकिन अगर इसके पीछे शरीर को जरूरी पोषण से वंचित करना हो, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

वजन कम करने के लिए लंबे समय तक खाना छोड़ना या सोशल मीडिया पर बताए गए किसी फास्टिंग तरीके को बिना विशेषज्ञ की सलाह के अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। डाइट में बड़ा बदलाव करने या लंबे समय तक फास्ट रखने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है।

vineet verma

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