3I/ATLAS और साइंटिस्ट एवी लोएब
नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2025 : कल्पना कीजिए, करोड़ों–अरबों किलोमीटर दूर से एक रहस्यमयी धूमकेतु हमारी सौर मंडल की सरहद पार करता हुआ आता है… और दुनिया भर के वैज्ञानिक उसकी एक से बढ़कर एक हैरतंगेज हरकत नोट कर रहे हैं और हर बार ये कुछ ऐसा लग रहा हो जैसे किसी बुद्धिमान सभ्यता ने इसे भेजा हो एक मेसंजर बनाकर या कुछ और । यही हुआ है 3I/ATLAS के साथ । तीसरा इंटरस्टेलर धूमकेतु, जिसे लेकर नासा से लेकर हार्वर्ड तक सबकी नजरें टिकी हैं।
और सबसे बड़ा सवाल: क्या यह जीवन के ‘इंग्रीडिएंट्स’ लेकर आया है?
3I/ATLAS को जुलाई 2025 में चिली के ATLAS सर्वे टेलीस्कोप ने खोजा था। इससे पहले सिर्फ दो ही अंतरतारकीय ऑब्जेक्ट मिले थे- I/‘Oumuamua (2017) और 2I/Borisov (2019)
इसकी स्पीड भी कमाल की — 244,800 किमी/घंटा! 19 दिसंबर 2025 को यह पृथ्वी के सबसे पास आएगा और फिर बिना सूर्य की परिक्रमा किए अपनी राह पकड़ लेगा।
JWST की स्टडी से पता चला कि इसमें पानी, CO₂, CO, बर्फ, धूल सब मौजूद है। लेकिन असली ट्विस्ट ये कि इसकी गैसों में 8% मीथेनॉल है जो आम धूमकेतुओं से 4 गुना ज्यादा है! साथ ही हाइड्रोजन साइनाइड (HCN) भी मिला जो जीवन-निर्माण वाली शुरुआती केमिस्ट्री में अहम माना जाता है।
ये सब बातें पैनस्पर्मिया थ्योरी को मजबूती देती हैं यानी जीवन के बीज धूमकेतुओं से फैल सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि 3I/ATLAS में बर्फीले ज्वालामुखियों जैसी गतिविधि (क्रायोवोल्कैनिज़्म) चल रही है, जो इसके कोमा (गैस के बादल) को बनाती है।
लेकिन हम यहाँ बताते चलें कि इसका मतलब यह नहीं कि धूमकेतु में कोई जीवित जीव हैं।
ये बस बताता है कि ब्रह्मांड में लाइफ-फ्रेंडली केमिस्ट्री कितनी आम है।
हार्वर्ड के खगोलशास्त्री अवी लोएब हमेशा से विवादित लेकिन दिलचस्प थ्योरी देते आए हैं। उन्होंने कहा है कि 3I/ATLAS शायद किसी उन्नत सभ्यता द्वारा भेजा गया ‘बीज’ हो सकता है — यानी Directed Panspermia।
उनके तर्क:
● अजीब कक्षा
● रेट्रोग्रेड ऑर्बिट
● रहस्यमयी त्वरण
● असामान्य धातु संरचना
● और अब 16.16 घंटे वाली “हार्टबीट”
लोएब ने तो इसे अपने ‘Loeb Scale’ पर 4/10 रेट किया है — जहाँ 10 का मतलब “कन्फर्म्ड आर्टिफिशियल”!
लेकिन दुनिया के ज़्यादातर वैज्ञानिक इसे पूरी तरह प्राकृतिक धूमकेतु मानते हैं।
ALMA टेलीस्कोप (चिली) से मिली ताज़ा रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है।
● मेथेनॉल — 40 kg/sec!
● हाइड्रोजन साइनाइड — 250–500 g/sec!
ये लेवल हमारे Solar System के किसी भी धूमकेतु जैसा नहीं है। मेथेनॉल प्रीबायोटिक केमिस्ट्री का बेसिक बिल्डिंग ब्लॉक है, यानी DNA/RNA तक की लंबी जर्नी की शुरुआत।
और दिलचस्प बात मीथेनॉल सिर्फ कोर से नहीं, पूरे कोमा में मिला है।
इससे शक मजबूत होता है कि यह मेटल-रिच और केमिकल तौर पर जटिल धूमकेतु है।
अवी लोएब ने ALMA डेटा के बाद एक पोस्ट लिखी:
“मेथेनॉल की मात्रा बताती है कि यह इंटरस्टेलर विज़िटर फ्रेंडली है।”
उनके हिसाब से अगर ऐसे ऑब्जेक्ट अरबों साल पहले पृथ्वी पर आए हों, तो शायद वही जीवन के शुरुआती ‘बीज’ लाए हों।
अब सभी की नजर JWST की 19 दिसंबर वाली इमेजिंग और ESA की JUICE मिशन रिपोर्ट (फरवरी 2026) पर है।
3I/ATLAS भले एलियन spaceship न हो, पर यह हमें ये तो जरूर दिखाता है कि जीवन बनाने वाली केमिस्ट्री पूरे ब्रह्मांड में फैली है।
19 दिसंबर को जब यह पृथ्वी के सबसे पास होगा, तब इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा — और शायद तब हमें जीवन के रहस्य पर कुछ और सुराग मिलें।
अभी के लिए बस इतना कह सकते हैं कि ये धूमकेतु विज्ञान की दुनिया में हलचल लाने आया है, और आने वाले महीनों में इसके राज़ और भी खुलेंगे।
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