हिमालय की गोद में बसे लद्दाख की शांत वादियों में आज विद्रोह का बिगुल बज गया. बुधवार की सुबह से ही लेह शहर में जो कुछ घटित हुआ है, वह न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन गया है. पिछले काफी समय से इस प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्ज़ा देने की मांग को लेकर लेह में चल रहे आंदोलन ने आज हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया है.
फूटा आंदोलनकारियों का गुस्सा! बीजेपी कार्यालय में लगायी आग
आज हुए इस हिंसक आंदोलन में स्थानीय छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने BJP कार्यालय तक में आग लगा दी है और CRPF की एक गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया गया . फिलहाल प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और स्थिति पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रख्यात शिक्षाविद् और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चलने वाला यह जन-आंदोलन आज अपने चरम पर पहुंच गया. जो आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, वह आज हिंसा की आग में तब्दील हो गया है.
क्या है लेह की जनता के असंतोष की वजह ?
लद्दाखियों का मूल मुद्दा स्पष्ट है – वे अपनी मातृभूमि को पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि केवल राज्य का दर्जा मिलने से ही इस क्षेत्र की वास्तविक प्रगति संभव है और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा हो सकती है.
2019 के फैसले की गूंज
अगस्त 2019 में जब भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया था, तब से यहां के लोगों के मन में एक गहरी बेचैनी है. लद्दाखी समुदाय को लगता है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है और उनकी आकांक्षाओं को नज़रअंदाज़ किया गया है.
पिछले पांच वर्षों में यह असंतोष धीरे-धीरे बढ़ता गया और आज विस्फोटक रूप ले लिया है लेह की सड़कों पर जो गुस्सा दिखाई दे रहा है, वह वर्षों की उपेक्षा का परिणाम है.