कोटा । नीट (NEET) पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षाओं में धांधली और देश की दोषपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
17 जून, 2026 को देश के सबसे बड़े कोचिंग हब कहे जाने वाले राजस्थान के कोटा शहर से इस ऐतिहासिक ‘कोटा महारैली’ और स्टूडेंट कन्वेंशन की शुरुआत हुई है। इसका एकमात्र उद्देश्य देश के लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना और उनके ऊपर से परीक्षा के जानलेवा मानसिक दबाव को कम करना है।
इस पूरी महारैली को राहुल गांधी ने विशुद्ध रूप से छात्रों की आत्महत्या और परीक्षा के दबाव जैसे संवेदनशील और भावनात्मक नजरिए से जोड़ा है। कोटा रवाना होने से ठीक पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो छात्रों का विशेष जिक्र करते हुए एक बेहद भावुक पोस्ट लिखा, जिसने इस आंदोलन को एक राष्ट्रीय युवा आंदोलन का रूप दे दिया है।
राहुल गांधी ने लिखा –“कोटा के लिए निकल चुका हूं, पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं— उमेश और रिया। सीकर में उमेश और देहरादून में रिया, दोनों ने दोबारा होने वाली नीट (NEET) परीक्षा के दबाव में अपनी जिंदगी खत्म कर ली। 22 और 23 साल के बच्चे – जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था, वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।”
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर मोदी सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने छात्रों की रक्षा करने के बजाय परीक्षाओं में कुप्रबंधन को बढ़ावा दिया और भविष्य के सौदागरों को संरक्षण दिया। उन्होंने साफ कहा कि कोटा से शुरू हो रही इस लड़ाई का मकसद सिर्फ इतना है कि किसी और मां-बाप को अपना बच्चा इस भ्रष्ट सिस्टम की वजह से न खोना पड़े।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मौके पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गहलोत ने कहा कि देश में ऐसा दमनकारी माहौल कभी नहीं देखा गया जहां विपक्ष की आवाज को दबाने की हर मुमकिन साजिश की जा रही है।
“देश में अलग-अलग राज्यों को मिलाकर अब तक करीब 90 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। यह एक बेहद गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा है। भाजपा शासित राज्यों में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन ये केवल राजस्थान को बदनाम करने की राजनीति करते हैं। हमारे समय जब पेपर लीक की घटना हुई, तो हमने तुरंत गिरफ्तारियां कीं और सख्त कानूनी कार्रवाई की। राहुल गांधी आज उन 22 लाख बच्चों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने कोटा आए हैं जो इस सिस्टम से पीड़ित हैं।”
कोटा में चल रहे इस संवाद कार्यक्रम के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पायलट ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार छात्रों को कोटा के कार्यक्रम स्थल पर आने से रोकने की कोशिश कर रही है।
सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सरकार चाहे कितनी भी बाधाएं खड़ी कर ले, देश का युवा अपनी आवाज उठाने के लिए कार्यक्रम स्थल तक जरूर पहुंचेगा। नीट पेपर लीक जैसे महा-घोटाले के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया, जिसके कारण देश का युवा आज आत्महत्या करने को मजबूर है। राहुल गांधी का यह संवाद कार्यक्रम पूरी तरह सफल साबित होगा।”
कांग्रेस जहां इस कार्यक्रम को पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी चुनौतियों को हल करने का एक गैर-राजनीतिक छात्र आंदोलन बता रही है, वहीं भाजपा ने इस पूरी महारैली को विशुद्ध रूप से कांग्रेस का ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दिया है। बहरहाल, 17 जून से शुरू हुए इस आंदोलन ने संसद के आगामी सत्र से ठीक पहले शिक्षा के मुद्दे पर देश की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है।
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