आज के समय में जहां ज्यादातर युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने और नौकरी तलाशने में लगे रहते हैं, वहीं भारतीय मूल के युवा अमन सेंगर ने कम उम्र में ऐसी सफलता हासिल की है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
सिर्फ चार साल पहले जो लड़का एमआईटी (MIT) के हॉस्टल में बैठकर कोडिंग सीख रहा था, आज वह दुनिया के सबसे युवा अरबपतियों की लिस्ट में शुमार हो चुका है. हम बात कर रहे हैं 25 साल के अमन सेंगरकी, जिनकी एआई कोडिंग कंपनी ‘कर्सर’ (Cursor) की पैरेंट कंपनी ‘एनीस्फीयर’ को दिग्गज स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने 60 बिलियन डॉलर यानी करीब 5 लाख करोड़ रुपये में खरीदने का फैसला किया है. इस मेगा डील के बाद अमन सैंगर की नेटवर्थ 5.5 बिलियन डॉलर पहुंच गई है.
अमन सांगर का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था और वे भारतीय मूल के परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता अरविंद सैंगर आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के पूर्व छात्र और हेज फंड इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं, जबकि उनकी मां शिल्पा सांगर एक ऑर्थोडॉन्टिस्ट और एंटरप्रेन्योर हैं.
अमन ने महज 14 साल की उम्र में कोडिंग करना शुरू कर दिया था. इसके बाद उन्होंने एमआईटी (MIT) में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के दौरान अपने तीन दोस्तों माइकल ट्रुएल, सालेह आसिफ और अर्नविंड लुनमार्क के साथ मिलकर साल 2022 में ‘कर्सर’ स्टार्टअप शुरू किया था. इसके बाद अपने बिजनेस पर फोकस करने के लिए चारों दोस्तों ने 21 साल की उम्र में कॉलेज ड्रॉप कर दिया था.
कर्सर (Cursor) एक एआई-पावर्ड कोडिंग प्लेटफॉर्म है जो डेवलपर्स को कोड लिखने, एडिट करने और जटिल सॉफ्टवेयर समस्याओं को समझने में मदद करता है. यह सिर्फ एक ऑटो-कम्प्लीट टूल नहीं है, बल्कि पूरे कोडबेस को समझकर डेवलपर्स का एआई साथी बनकर काम करता है. कर्सर की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नवंबर 2025 में 1 बिलियन डॉलर का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू (Annualized Revenue) पार करने वाली इस कंपनी का रेवेन्यू इस महीने की शुरुआत तक 4 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है.
अमन सेंगर की कहानी उन युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उनकी सफलता यह बताती है कि अगर आपके पास जुनून है , सही सोच और मेहनत करने का साहस है, तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
आज अमन सेंगर और उनकी टीम का बनाया गया AI टूल दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले समय में यह तकनीक की दुनिया में और भी बड़े बदलाव ला सकता है।
क्या आने वाले सालों में स्मार्टफोन हमारी जेब से निकलकर सीधे हमारी आंखों के सामने…
कोटा । नीट (NEET) पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षाओं में धांधली और देश की दोषपूर्ण शिक्षा…
मेरठ में एक मासूम बच्चे की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके…
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक तपिश…
अक्सर अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में नेताओं के मिलने का पारंपरिक और दोस्ताना अंदाज सुर्खियों में…