न्यू मार्केट (कोलकाता) के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित एक होटल में मंगलवार देर रात लगी भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक अग्निकांड में 9 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि होटल बिना वैध लाइसेंस, नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और बिना आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरणों के गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रहा था।
कैसे बनी ‘मौत की भट्टी’? हादसे की Inside Story
अधिकारियों के अनुसार, आग 4-मंजिला शिखेल होटल की तीसरी मंजिल पर रात करीब 2:45 बजे लगी। शुरुआती जांच में आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
जिस वक्त आग लगी, होटल में ठहरे ज्यादातर मेहमान गहरी नींद में थे। देखते ही देखते संकरे गलियारों और कमरों में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों का धुआं भर गया।
प्रबंधन की 3 बड़ी लापरवाहियां:
- सिंगल एग्जिट और बंद दरवाजा: होटल से बाहर निकलने का सिर्फ एक संकरा रास्ता था। रात के समय सुरक्षा के नाम पर मुख्य बाहरी दरवाजा बाहर से लॉक कर दिया गया था, जिससे लोग चाहकर भी भाग नहीं सके।
- नो फायर NOC: इमारत में आग बुझाने के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम मौजूद नहीं थे।
- अवैध संचालन: होटल के पास पुलिस का वैध लाइसेंस तक नहीं था।
इलाज कराने आए थे कोलकाता, धुएं में घुट गईं सांसें
मृतकों में शामिल सभी 9 लोग बांग्लादेश के नागरिक थे, जो मुख्यतः मेडिकल टूरिज्म (इलाज) के सिलसिले में कोलकाता आए हुए थे।
घायलों को तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के फायर मिनिस्टर कौशिक चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया।
पुलिस की कार्रवाई: न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन में होटल मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। फरार मालिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।