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छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षाबलों का बड़ा एक्शन: महिला सहित तीन खूंखार नक्सली ढेर, 14 लाख के इनामी ढेर


छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में रविवार को एक बड़ी मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने तीन वांछित नक्सलियों को मार गिराया.ढेर हुए उग्रवादियों में एक महिला भी शामिल थी. इन पर कुल ₹14 लाख का इनाम घोषित था. यह कार्रवाई कांकेर और गरियाबंद जिलों की सीमा पर स्थित छिंदखड़क जंगल इलाके में की गई, जो माओवादियों का सक्रिय गढ़ माना जाता है.

कैसे हुआ ऑपरेशन?

माओवादियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. घने जंगल में जैसे ही सुरक्षाबल आगे बढ़े, छिपे हुए माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में तीन नक्सली मारे गए.मुठभेड़ के दौरान करीब 30 मिनट तक दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई.इसके बाद जंगल में सर्च के दौरान तीन शव बरामद किए गए। साथ ही, भारी मात्रा में हथियार और माओवादी सामग्री भी जब्त की गई.

मारे गए नक्सलियों की पहचान

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पहचान के अनुसार सरवन मड़काम सीतानदी रावस समन्वय एरिया कमेटी का सचिव; ₹8 लाख का इनामी,राजेश उर्फ राकेश हेमला नगरी एरिया कमेटी का LOS कमांडर; ₹5 लाख का इनामी,बसंती कुंजाम – मैनपुर-नुआपाड़ा प्रोटेक्शन टीम की सक्रिय सदस्य; ₹1 लाख की इनामी महिला नक्सलीये सभी माओवादी कई वर्षों से छत्तीसगढ़ के जंगलों में सक्रिय थे और कई बड़े हमलों में शामिल रहे हैं.

बरामद हथियार और सामग्री घटनास्थल से जब्त में शामिल हैं,एक SLR राइफल,एक .303 राइफल,12 अन्य देशी और अर्धस्वचालित बंदूकें,नक्सली साहित्य, डेटोनेटर, वायर, रेडियो सेट, और दैनिक उपयोग की वस्तुएं.

क्यों अहम है यह कार्रवाई?

यह मुठभेड़ नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाके में हुई, जिसे अब धीरे-धीरे सुरक्षाबल साफ कर रहे हैं.वर्ष 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ में 252 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से 223 अकेले बस्तर क्षेत्र में ढेर किए गए हैं.बीते हफ्ते, माओवाद की केंद्रीय कमेटी के दो बड़े नेता भी नरायणपुर जिले में मारे गए थे, जिससे नक्सली संगठन हताश है.
अधिकारियों ने बताया की बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने मीडिया से बात करते हुए कहा“सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर है.लगातार हो रहे ऑपरेशनों से अब माओवादी बैकफुट पर हैं.जो भी नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहें, उनके लिए पुनर्वास की नीति उपलब्ध है.

आगे की रणनीति

राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब उन इलाकों पर विशेष ध्यान दे रही हैं जहाँ माओवादियों की जड़ें गहरी रही हैं. भविष्य में ऐसे और ऑपरेशन चलाए जाने की संभावना है, जिससे पूरे बस्तर क्षेत्र को माओवाद से मुक्त किया जा सके.
कांकेर में हुई इस ताज़ा मुठभेड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षाबल अब माओवाद को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। महिला नक्सली सहित तीन घोषित अपराधी उग्रवादियों का मारा जाना माओवाद के लिए एक और झटका है, और राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में एक मजबूत क़दम.

news desk

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