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‘जस्टिस मिशन 2025’ : ताइवान के चारों तरफ PLA की घेराबंदी, चीन की नई युद्ध रणनीति और भारत पर उनके प्रभाव

news desk
Last updated: December 29, 2025 2:10 pm
news desk
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ताइवान के चारों ओर PLA सैन्य घेराबंदी 2025
ताइवान के चारों ओर PLA सैन्य घेराबंदी 2025
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ताइवान स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। चीन ने ताइवान द्वीप को पूरी तरह घेरते हुए अब तक के सबसे बड़े सैन्य अभ्यासों में से एक शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन का नाम “जस्टिस मिशन 2025” रखा गया है, जो 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ। बीजिंग ने इसे “ताइवान स्वतंत्रता अलगाववादी ताकतों” और “बाहरी हस्तक्षेप” के खिलाफ कड़ी चेतावनी बताया है।
यह अभ्यास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की सेना, नौसेना, वायुसेना और रॉकेट फोर्स की संयुक्त तैनाती के साथ हो रहा है। इसमें लाइव-फायर ड्रिल्स, प्रमुख बंदरगाहों की नाकेबंदी की सिमुलेशन और मिसाइल हमलों का अभ्यास शामिल है। अभ्यास ताइवान के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में पांच प्रमुख जोनों में फैला हुआ है, जो समुद्री और हवाई मार्गों को प्रभावित कर रहा है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन अभ्यासों की कड़ी निंदा की है और इसे “एकतरफा उकसावा” तथा “ग्रे जोन युद्ध” की रणनीति बताया है, जिसका मकसद ताइवान की रक्षा क्षमता को थकाना है। ताइपे ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और जवाबी अभ्यास शुरू किए हैं।
इवान मुख्य भूमि चीन से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित है। ताइवान स्ट्रेट इसे अलग करता है। इस अभ्यास में PLA ने ताइवान के चारों ओर पांच जोन बनाए हैं, जहां लाइव-फायर और नाकेबंदी का अभ्यास हो रहा है। ये जोन ताइवान की एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) और प्रमुख शिपिंग लेन को ओवरलैप करते हैं।
ऊपर दिए नक्शों में लाल/पीले क्षेत्र अभ्यास जोन दिखाते हैं, जिसमें मिसाइल लॉन्च, नौसैनिक गश्त और विमान घुसपैठ के रास्ते शामिल हैं। “जस्टिस मिशन 2025” में 100 से अधिक नौसैनिक जहाज और लगातार विमान उड़ानें रिपोर्ट की गई हैं।

चीन की मौजूदा सैन्य रणनीतियां
चीन की ताइवान नीति लगातार दबाव बनाने वाली रही है। 2025 में PLA की “ग्रे जोन” रणनीतियां तेज हुई हैं, जो युद्ध से कम लेकिन धमकी से ज्यादा हैं:


• ताइवान ADIZ में दैनिक घुसपैठ: ताइवान ने 2025 में 2,000 से अधिक PLA विमान और जहाजों की घुसपैठ दर्ज की है। दिसंबर में ही दर्जनों विमान मीडियन लाइन पार कर चुके हैं।

• नौसैनिक और हवाई गश्त: ताइवान को घेरकर मॉक अटैक और नाकेबंदी अभ्यास। दिसंबर की शुरुआत में 100 से अधिक जहाज तैनात किए गए।

• लाइव-फायर और मिसाइल ड्रिल्स: प्रमुख बंदरगाहों (जैसे कीलुंग और काओशुंग) पर सिमुलेटेड हमले।

• मनोवैज्ञानिक दबाव: ताइवान नेतृत्व को “अलगाववादी” कहकर और अमेरिका-जापान को “बाहरी ताकत” बताकर चेतावनी। हालिया $11 अरब अमेरिकी हथियार सौदे के बाद यह अभ्यास शुरू हुआ।

विश्व और भारत पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान के आसपास हो रहे ये सैन्य अभ्यास किसी भी वक्त गलतफहमी से बड़े संघर्ष का रूप ले सकते हैं। अमेरिका ने एक बार फिर ताइवान की रक्षा का वादा दोहराया है, जबकि जापान ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता जताई है।
“जस्टिस मिशन 2025” चीन की बढ़ती आक्रामक नीति को दिखाता है, खासकर तब जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान को बलपूर्वक भी जोड़ने की बात कर चुके हैं। यह अभ्यास सिर्फ ताइवान तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक सुरक्षा व्यवस्था में चल रहे एक बड़े पैटर्न का हिस्सा माना जा रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर भी इसका असर गहरा हो सकता है, क्योंकि ताइवान दुनिया का बड़ा सेमीकंडक्टर हब है। अगर तनाव बढ़ता है या बंदरगाहों की नाकेबंदी होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। भारत की टेक इंडस्ट्री—खासतौर पर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर—ताइवान से आने वाली चिप्स पर निर्भर है, जिससे कीमतें बढ़ने और उत्पादन रुकने का खतरा है।

हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर से गुजरने वाले व्यापार मार्ग बाधित होने पर दक्षिण एशिया का 60% से ज्यादा व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिसका असर पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। साथ ही, चीन की BRI परियोजनाओं पर निवेश का दबाव बढ़ सकता है और राजनीतिक शर्तें कड़ी हो सकती हैं। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो वैश्विक मंदी का खतरा भी है, जिससे दक्षिण एशिया की विकासशील अर्थव्यवस्थाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। बीजिंग भले ही इन अभ्यासों को रक्षात्मक बता रहा हो, लेकिन आलोचक इसे लोकतंत्र पर दबाव की रणनीति मानते हैं। आने वाले दिन ही तय करेंगे कि यह सिर्फ ताकत दिखाने की कोशिश है या किसी बड़े संकट की शुरुआत।

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TAGGED: China Military Drill, China Navy Exercise, China Taiwan Tension, China War Strategy, Geopolitics Asia, Global Supply Chain, Grey Zone Warfare, India China Impact, Indo Pacific Security, Justice Mission 2025, PLA Taiwan, South China Sea, Taiwan ADIZ, Taiwan Semiconductor, Taiwan Strait Crisis
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