अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सबसे भरोसेमंद और भारतीय मूल के जाने-माने टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर श्रीराम कृष्णन (Sriram Krishnan) ने एक बड़ा ऐलान किया है। श्रीराम कृष्णन जून 2026 के अंत में व्हाइट हाउस (White House) में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। वह राष्ट्रपति ट्रंप के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम कर रहे थे।
व्हाइट हाउस में लगभग 18 महीने (डेढ़ साल) तक अमेरिका की AI नीतियों को दिशा देने के बाद उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल पद को छोड़ने का फैसला किया है।
सोशल मीडिया X पर किया ऐलान: ‘कुछ समय का लूंगा ब्रेक’
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए श्रीराम कृष्णन ने अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि व्हाइट हाउस में देश के लिए काम करना उनके जीवन का एक बड़ा सम्मान रहा है।
अपने फ्यूचर प्लान्स को लेकर कृष्णन ने बताया- शॉर्ट ब्रेक: पद छोड़ने के तुरंत बाद वह कुछ समय के लिए ब्रेक लेंगे और परिवार के साथ वक्त बिताएंगे।
अगला मिशन: ब्रेक के बाद वह अमेरिका के सामने AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से जुड़ी बड़ी वैश्विक चुनौतियों और प्रोजेक्ट्स पर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। हालांकि, उन्होंने अपने नए प्रोजेक्ट के नाम का खुलासा अभी नहीं किया है।
ट्रंप की तारीफ में क्या कहा?
अपने विदाई संदेश में श्रीराम कृष्णन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “आज अगर अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़ में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, तो इसका सीधा श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप की लीडरशिप को जाता है। उनके कड़े फैसलों के बिना अमेरिका AI क्षेत्र में आज इतना मजबूत नहीं हो पाता।”
18 महीनों में तैयार की अमेरिका की ‘AI ढाल’
अपने कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने अमेरिका को तकनीकी रूप से सुपरपावर बनाए रखने के लिए कई ऐतिहासिक नीतियों पर काम किया, जिनमें प्रमुख हैं:
- अमेरिकन AI एक्शन प्लान (American AI Action Plan)
- AI क्षमता बढ़ाने के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप कार्यक्रम
- नेशनल AI पॉलिसी फ्रेमवर्क (National AI Policy Framework)
- चेन्नई से व्हाइट हाउस तक: कौन हैं श्रीराम कृष्णन?
- श्रीराम कृष्णन की कहानी भारत के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है
शुरुआती सफर: भारत में जन्मे श्रीराम तमिलनाडु के चेन्नई के रहने वाले हैं। उन्होंने चेन्नई के SRM इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की।
दिग्गज टेक कंपनियों में दबदबा: अमेरिका जाने के बाद उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों—माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), फेसबुक (Facebook), ट्विटर (Twitter) और स्नैप (Snap) में सीनियर लीडरशिप रोल निभाए।
मशहूर टेक इन्वेस्टर: बाद में वह सिलिकॉन वैली की दिग्गज वेंचर कैपिटल फर्म आंद्रीसेन होरोविट्ज़ (Andreessen Horowitz – a16z) से बतौर जनरल पार्टनर जुड़े।
एलन मस्क के करीबी और ‘ट्विटर टेकओवर’ के मास्टरमाइंड
श्रीराम कृष्णन को दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क (Elon Musk) का बेहद करीबी माना जाता है। जब मस्क ने ट्विटर (अब X) को खरीदा था, तब श्रीराम उस कोर टीम का हिस्सा थे जिसने इस पूरे टेकओवर को संभाला था।
व्हाइट हाउस का सफर: साल 2024 में उन्हें सीनियर व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर ऑन AI नियुक्त किया गया था। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही उन्होंने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति के मुख्य AI सलाहकार के रूप में कमान संभाली थी। अब जून 2026 में उनका यह शानदार आधिकारिक सफर समाप्त होने जा रहा है।