जाने क्यों निकले फिर से कंबल
उत्तर भारत के मौसम में इस वक्त एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां अब तक पसीने से तरबतर होकर सभी AC में रहने की सोच के बैठे थे, वहां उत्तर भारत ‘कोल्ड शॉक’ में है। दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत का मौसम ऐसा पलटा है कि कूलर की जगह फिर से कंबलों ने ले ली है। अप्रैल की वो चुभती गर्मी गायब है और उसकी जगह ली है जनवरी की कड़ाके की ठण्ड और बारिश, ओलों ने।
आंकड़े चौंकाने वाले हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पारा सामान्य से 15 डिग्री तक नीचे गिर चुका है। दिल्ली, जो इन दिनों भट्टी की तरह तपने लगती थी, वहां तापमान महज 21 डिग्री पर सिमट गया है। साइंटिस्ट की मानें तो अप्रैल में ऐसा ‘एक्सट्रीम वेदर’ दशकों के बाद देखने को मिला है।
अरेबियन सी का ‘नमी बम’: राजस्थान के ऊपर बने एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने अरब सागर से नमी को अपनी तरफ खींचा। जब ये नमी पहाड़ों की बर्फीली हवाओं से टकराई, तो मैदानी इलाकों में बारिश और ओलों का तांडव शुरू हो गया।
जेट स्ट्रीम का ‘U-टर्न’: आर्कटिक की गर्मी ने ग्लोबल विंड सिस्टम को हिला दिया है। ऊपरी वायुमंडल की हवाएं अब लहरदार होकर नीचे की तरफ आ रही हैं, जिससे सर्द हवाओं का रास्ता सीधा भारत के मैदानी इलाकों की तरफ खुल गया है।
पिछले 60 दिनों में एक के बाद एक 8 ताकतवर मौसमी सिस्टम्स ने उत्तर भारत को हिट किया है, जिसकी वजह से गर्मी को वापसी का मौका ही नहीं मिला।
IMD का कहना है की 11 अप्रैल तक 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और ओलों की बारिश हो सकती है इसलिए मौसम विभाग ने का रेड अलर्ट भी जारी कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 अप्रैल के बाद ही मौसन थोडा साफ़ होने की गुंजाइश है।
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