अनंतनाग: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की सत्र अदालत ने एक पिता को अपनी नाबालिग बेटी के साथ यौन शोषण, बलात्कार और उसे गर्भवती करने के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह फैसला प्रिंसिपल सेशन जज ताहिर खुर्शीद रैना ने दिया. उन्होंने इस अपराध को “बेहद नीच, मानसिक रूप से विकृत और नैतिकता के पूरी तरह खत्म हो जाने” का उदाहरण बताया. जज ने कहा कि यह घटना उन्हें हिला देने वाली है और समाज के लिए एक काला अध्याय साबित हुई है.
पीड़िता ने अदालत में अपने पिता के खिलाफ हिम्मत से गवाही दी. आंसुओं से भीगी आंखों के साथ उसने आरोपी पिता से सवाल किया, “क्या कोई पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा करता है?” जज रैना ने इस सवाल को “समाज को झकझोरने वाली कॉल” बताया, जो बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि गहरे सदमे में भी पीड़िता की यह आवाज़ हमारे समाज को जगाने के लिए काफी है.
अपराध का खौफनाक विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता उस समय लगभग 15 वर्ष की थी जब उसके पिता ने 25 जनवरी 2022 को उसके साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया. यह घटना परिवार के अंदर ही घटी, जो घर को सुरक्षित आश्रय मानने वाले समाज के लिए विडंबना है. इसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(3) (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) की धारा 6 (गंभीर यौन हमला) के तहत अपराध दर्ज किए गए.