बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर “सुरक्षा व गड़बड़ी की आशंका” को देखते हुए बेउर जेल से करीब 12 कैदियों को, जिनमें आरजेडी को पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला भी शामिल हैं, भागलपुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है. जेल प्रशासन के इस फैसले के बाद अब सियासी घमासान शुरू हो गया है. मुन्ना शुक्ला की पत्नी और बेटी ने प्रशासन के इस फैसले को लेकर सरकार पर आरोप लगाये हैं.
मुन्ना शुक्ला की पत्नी ने जताया तीखा विरोध
मुन्ना शुक्ला की पत्नी और आरजेडी की पूर्व विधायक अन्नू शुक्ला भावुक होकर मीडिया के सामने बिलखती नजर आईं. उन्होंने सरकार की इस कार्रवाई पर तीखा विरोध जताया. कैमरे के सामने हाथ जोड़ते हुए उन्होंने कहा, ‘यही एनडीए की सरकार है — आप लोग देख लीजिए. पटना जेल में थे तो वहीं क्यों नहीं रहे? भागलपुर भेजने की क्या जरूरत थी? आपने अच्छा नहीं किया.’
अन्नू शुक्ला ने लालगंज की जनता से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि अब ‘उनके घर पर मां-बेटी अकेली हैं.’ उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जनता उनका परिवार है और वह लोगों से पूरा सहयोग व आशीर्वाद चाहती हैं.
बेटी ने लगाये पिता को टॉर्चर करने के आरोप
मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला, जो इस बार आरजेडी भी प्रत्याशी हैं, गुस्से में दिखाई दीं. उन्होंने पिता के भागलपुर भेजे जाने का विरोध किया और आरोप लगाया कि ‘उनके पिता को टॉर्चर किया जा रहा है और उनकी जान को ख़तरा है.’
शिवानी ने कहा, ‘अगर मेरे पापा को एक खरोंच भी आई तो मैं इस सरकार को नहीं छोड़ूंगी — मैं वकील हूं और अपने तथा महिलाओं के अधिकारों को अच्छी तरह जानती हूं.’
परिवार की शिकायतों और नाराज़गी के बीच प्रशासन का तर्क है कि चुनाव की संवेदनशीलता के मद्देनजर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए यह स्थानांतरण आवश्यक था. फिलहाल भागलपुर में कैदियों की स्थिति और वहां से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान कार्यालय में जारी नहीं किया गया है.