कर्नाटक के बहुचर्चित सेक्स स्कैंडल मामले में सजा काट रहे NDA के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़ा एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेंगलुरु की हाई-सिक्योरिटी परप्पन अग्रहारा सेंट्रल जेल में केंद्रीय अपराध शाखा “CCB” में अचानक हुई छापेमारी के दौरान प्रज्वल की कोठरी से कुछ ऐसा मिला है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान VIP सेल में आराम फरमा रहे प्रज्वल के पास से एक स्मार्टफोन, चार्जर और पेन ड्राइव बरामद की गई, जिसमें दर्जनों आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो मौजूद थे।
CCB की रेड में हुआ बड़ा पर्दाफाश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटेलिजेंस एजेंसियों को इस बात की भनक लग चुकी थी कि सलाखों के पीछे कुछ हाई-प्रोफाइल कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। बस फिर क्या था, इसी खुफिया टिप-ऑफ पर कार्रवाई करते हुए CCB ने परप्पन अग्रहारा जेल में अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी कर दी।

जैसे ही अधिकारियों ने प्रज्वल रेवन्ना की सेल की तलाशी ली, उनके हाथ एक स्मार्टफोन लग गया। फोन की शुरुआती टेक्निकल स्कूटनी में जो सामने आया, उसने सबको हैरान कर दिया, डिवाइस के अंदर 80 से ज्यादा डाउनलोड किए गए पॉर्न वीडियो और महिलाओं की कई आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बिना देर किए इन सभी डिजिटल एविडेंस को सीज कर दिया है और आगे की डीप फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
जेल या ऐशो-आराम का अड्डा?
यह पूरा वाकया एक बार फिर देश की जेलों में दी जाने वाली वीआईपी ट्रीटमेंट और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख देता है। एक गंभीर अपराध में सजा काट रहे दोषी के पास जेल के अंदर स्मार्टफोन जैसी हाई-टेक चीजें आसानी से पहुंच जाना, सीधे तौर पर जेल प्रशासन की कार्यशैली और ईमानदारी पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट सस्पेंड, सुपरिंटेंडेंट को नोटिस
इस बड़े खुलासे के बाद जेल महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में साफ तौर पर गंभीर लापरवाही और कैदी के साथ मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद, जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, जेल सुपरिंटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर कड़ा जवाब तलब किया गया है।
बढ़ेंगी मुश्किलें, दर्ज हुआ नया क्रिमिनल केस
प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (मोबाइल और पेन ड्राइव) अपने पास रखने और जेल के नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में, प्रज्वल रेवन्ना और उनके साथ बंद एक अन्य अंडरट्रायल कैदी के खिलाफ नया क्रिमिनल केस के तहत FIR दर्ज कर लिया गया है।
अब जांच एजेंसियां इस बात की टोह लेने में जुटी हैं कि आखिर जेल के इस परिंदा-पर-न-मारने वाले सुरक्षा चक्र को भेदकर फोन अंदर तक किसने पहुंचाया और इस पूरी लापरवाही में कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी मिले हुए थे। यह घटना साफ बयां करती है कि रसूखदार अपराधी चाहे कितने भी कसकर शिकंजे में क्यों न हों, अपनी आदतों से बाज आने का नाम नहीं लेते।