उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक शख्स ने दोस्ती की आड़ में न केवल अपनी शादीशुदा जिंदगी का मजाक बनाया, बल्कि अपनी पत्नी को जबरन ‘वस्तु’ की तरह दोस्त के पास छोड़ आया। बदले में वह खुद दोस्त की पत्नी को अपने साथ ले आया। यह मामला अब केवल आपसी विवाद नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी और सामाजिक अपराध बन चुका है।
पीड़िता के अनुसार, यह कोई अचानक हुआ फैसला नहीं था, बल्कि उसके पति की एक सोची-समझी साजिश थी:
शुरुआती प्रताड़ना: शादी के दो साल बाद ही पति का व्यवहार हिंसक हो गया। मारपीट कर उसे मायके छोड़ दिया गया।
वापसी का जाल: कुछ महीनों बाद पति ने उसे फिर से ससुराल बुलाया, लेकिन यह प्यार के लिए नहीं बल्कि एक सौदे के लिए था।
जबरन अदला-बदली: ससुराल पहुँचते ही पति ने उस पर अपने दोस्त के साथ पत्नी बनकर रहने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा गया और मजबूरन दोस्त के पास भेज दिया गया।
इस कहानी का दूसरा पहलू और भी पेचीदा है। जिस दोस्त की पत्नी के साथ आरोपी रह रहा है, उस दोस्त ने पुलिस को बताया कि वह बाहर नौकरी करता था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसकी पत्नी को अपने प्रेम जाल में फँसा लिया। पिछले चार महीनों से दोनों साथ रह रहे हैं। अब स्थिति यह है कि:
पीड़िता और उसका दोस्त: इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहे हैं और पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
बाराबंकी की यह घटना ‘वाइफ स्वैपिंग’ (Wife Swapping) यानी पत्नियों की अदला-बदली के काले खेल की ओर इशारा करती है।
यह एक ऐसी प्रथा है जहाँ कपल्स आपसी सहमति से या दबाव में आकर अपने पार्टनर्स की अदला-बदली करते हैं। पश्चिमी देशों से शुरू हुआ यह चलन अब भारत के ‘हाई प्रोफाइल’ समाज से निकलकर छोटे कस्बों तक पहुँचने लगा है।
बाराबंकी के थाना अध्यक्ष अभय कुमार मौर्य के अनुसार, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य पहलुओं (जैसे घरेलू हिंसा और जबरन वसूली) की भी जांच की जा रही है।
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आधुनिकता के नाम पर हम रिश्तों को एक ‘कमोडिटी’ (वस्तु) मान चुके हैं? जहाँ एक तरफ रजामंदी से होने वाली स्वैपिंग नैतिक चर्चा का विषय है, वहीं बाराबंकी का यह मामला साफ तौर पर प्रताड़ना और आपराधिक कृत्य है। अपनी पत्नी को किसी और के पास जबरन छोड़ना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय अधिकारों का घोर उल्लंघन भी है।
ईद-उल-अजहा, जिसे भारत में आमतौर पर बकरीद के नाम से जाना जाता है, इस्लाम धर्म…
पंजाब की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। राज्य में होने वाले…
देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग अचानक तेजी से…
हम अक्सर अपने नाखूनों को सिर्फ सौंदर्य या सफाई के नजरिए से देखते हैं, लेकिन…
स्कूटर सेगमेंट में अब मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि देश की जानी-मानी…
IPL 2026 के बीच पंजाब किंग्स (PBKS) के कैंप से एक बेहद दिलचस्प और वायरल…