मधुबनी: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित चोरी की घटना को लेकर मिथिलांचल में चिंता का माहौल है। माता जानकी का मायका माने जाने वाले जनकपुरधाम के संतों और श्रद्धालुओं ने इस घटना पर चिंता जताते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस मंदिर को वे अपनी बेटी का ससुराल मानते हैं, वहां इस तरह की घटना बेहद पीड़ादायक है।
‘श्रीराम मंदिर हमारे लिए बेटी का घर’
जनकपुरधाम स्थित माता जानकी मंदिर के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णवी ने कहा कि अयोध्या का श्रीराम मंदिर मिथिलावासियों के लिए केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि माता जानकी का ससुराल है। यही कारण है कि मंदिर निर्माण से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक मिथिला की परंपराओं के अनुसार सभी रस्में निभाई गईं और श्रद्धाभाव से अनेक उपहार भेजे गए।
प्राण प्रतिष्ठा तक भेजे गए थे पारंपरिक उपहार
महंत के अनुसार मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जनकपुरधाम से वस्त्र, चांदी के बर्तन, श्रृंगार सामग्री, चांदी जड़ी ईंट, देवशिला, भगवान श्रीराम के लिए चांदी का धनुष-बाण, चरण पादुका, अंगूठी, चेन, मुकुट और अन्य पूजन सामग्री भेजी गई थी। वहीं माता जानकी के लिए सोने का हार, मंगलसूत्र, झुमके, मांगटीका, अंगूठी, बिछिया सहित पारंपरिक श्रृंगार की कई वस्तुएं भी भेंट की गई थीं।
उपहारों को लेकर भी उठे सवाल
महंत ने कहा कि जनकपुरधाम से भेजे गए उपहारों का उपयोग किस प्रकार किया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह यह नहीं बता सकते कि कुल कितनी मात्रा में सोने-चांदी की सामग्री भेजी गई थी, क्योंकि मंदिर के अलावा अनेक श्रद्धालुओं ने भी अलग-अलग स्तर पर भेंट अर्पित की थी।
चोरी की घटना के बाद बढ़ी चिंता
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी की खबर सामने आने के बाद जनकपुरधाम में चिंता बढ़ गई है। महंत का कहना है कि अब लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं मिथिला से भेजे गए उपहार भी इस घटना से प्रभावित तो नहीं हुए। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निष्पक्ष जांच का इंतजार
महंत ने बताया कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि मिथिलावासी अब जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।