दुबई/वाशिंगटन। मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रैट (Hormuz Strait) के पास अमेरिका की सबसे अत्याधुनिक मानव रहित पनडुब्बी (Unmanned Underwater Vehicle) ‘Dive-LD’ को कब्जे में लेने का बड़ा दावा किया है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिकी वायु सेना के एक MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने की बात कही है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पलटवार करते हुए ईरान के पांच कच्चे तेल के टैंकरों को तबाह करने की पुष्टि की है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा उनके युद्धपोत पर किए गए हमले के जवाब में की गई है।
IRGC का खुफिया ऑपरेशन और US का रुख
IRGC की आधिकारिक एजेंसी ‘सेपाह न्यूज’ के मुताबिक, एक जटिल खुफिया और सैन्य अभियान चलाकर अमेरिकी सेना की इस अंडरवॉटर तकनीक को जब्त किया गया। ईरान का कहना है कि यह अमेरिका का सबसे आधुनिक टोही वाहन है, जिसकी तस्वीरें जल्द सार्वजनिक की जाएंगी।
- अमेरिकी सेना का स्पष्टीकरण: US सेंट्रल कमांड ने माना कि उनका एक अंडरवॉटर ड्रोन क्षेत्रीय जलक्षेत्र के सर्वे के दौरान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि, अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर ईरान द्वारा इसे कब्जे में लिए जाने की पुष्टि नहीं की।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का सख्त रुख
तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया ‘X’ पर बयान जारी कर कहा:
“ईरान हमेशा से युद्ध के खिलाफ रहा है और क्षेत्रीय शांति चाहता है। लेकिन यदि हम पर हमला होता है, तो हम अपनी पूरी ताकत से तब तक जवाब देंगे जब तक आक्रमणकारियों को अपने किए पर पछतावा न हो जाए।”
समझौते की समयसीमा खत्म, फिर गहराया संकट
- 28 फरवरी की जंग: अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं और होर्मुज स्ट्रैट पर घेराबंदी सख्त कर दी।
- विफल सीजफायर वार्ता: 18 जून को दोनों देशों ने 60 दिनों के युद्धविराम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समयसीमा 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच फिर से प्रत्यक्ष सैन्य टकराव शुरू हो गया है।