तेहरान/वाशिंगटन । इस्लामाबाद ‘पीस टॉक’ की विफलता के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल एक बार फिर गहरे हो गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका को सीधी और घातक चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि इस क्षेत्र में किसी भी ‘विदेशी’ हस्तक्षेप का अंजाम जानलेवा हो सकता है।
IRGC की नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर होर्मुज स्ट्रेट की ताजा ड्रोन निगरानी फुटेज साझा की है। इस वीडियो के जरिए ईरान ने दावा किया है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर जहाज और वहां होने वाली हर गतिविधि पर ईरानी सशस्त्र बलों का पूर्ण नियंत्रण है।
तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उनके दो युद्धपोत, यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन, होर्मुज से गुजरे और वहां ‘माइन स्वीपिंग’ (बारूदी सुरंगें हटाने) का अभियान चलाया।
ईरान और अमेरिका के बीच महीने भर के संघर्ष के बाद दो हफ्ते के सीजफायर (संघर्ष विराम) की घोषणा तो हुई थी, लेकिन पर्दे के पीछे की शर्तों पर सहमति नहीं बन पाई है। IRGC ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बहाने से होर्मुज के करीब आने वाले सैन्य जहाज को ‘सीजफायर का उल्लंघन’ माना जाएगा और ईरान उसके साथ सख्ती से निपटेगा।
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