नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलमार्ग को लेकर नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है कि होर्मुज अब अमेरिका के नियंत्रण में है। ईरान ने यह भी कहा कि ट्रंप का यह दावा गलत है कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और मिसाइल बलों को नष्ट कर दिया है।
ईरान ने कहा- होर्मुज पूरी तरह हमारे नियंत्रण में
मुंबई में ईरान के राजनयिक सईद रजा मोसायेब मोटलाघ ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है। उन्होंने ट्रंप के उस दावे को झूठा बताया, जिसमें जलमार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण और ईरान की नौसेना तथा मिसाइल बलों को नष्ट करने की बात कही गई थी।
ईरानी राजनयिक ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के क्षेत्र को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के दक्षिणी तटों पर स्थित देशों को भी किसी नुकसान का सामना नहीं करना चाहिए।
अमेरिका की शर्तें मानने तक होर्मुज फिर खोलने से इनकार
सईद रजा ने कहा कि ईरान होर्मुज जलमार्ग को तभी फिर से खोल सकता है, जब अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे और ईरान की शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करे।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक अर्थों में ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि, मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाने और बातचीत का रास्ता आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इन देशों का उद्देश्य शांतिपूर्ण समाधान तलाशना और क्षेत्र को युद्ध से दूर रखना है।
मध्यस्थ देशों की कोशिशें अब तक नहीं हुईं सफल
ईरानी राजनयिक ने कहा कि मध्यस्थता की कोशिश कर रहे देशों की ओर से सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक इन कोशिशों को सफलता नहीं मिली है। उनके मुताबिक, अमेरिका की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत उठाए गए कदमों ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में बाधा डाली है।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे देशों के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं।