तेहरान/लंदन, 21 मार्च 2026 – अमेरिका-इजरायल युद्ध में नया मोड़: ईरान ने शुक्रवार को डिएगो गार्सिया (चागोस द्वीप समूह, हिंद महासागर) स्थित संयुक्त ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य अड्डे पर दो इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वॉल स्ट्रीट जर्नल और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों मिसाइलें लक्ष्य पर नहीं लगीं – एक मिड-एयर में फेल हो गई, दूसरी पर अमेरिकी युद्धपोत ने SM-3 इंटरसेप्टर दागा (हिट या नहीं, स्पष्ट नहीं)।
यह हमला 4,000 किमी दूर से किया गया, जबकि ईरान पहले अपनी मिसाइल रेंज 2,000 किमी तक सीमित बताता था। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने यही दावा किया था, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि ईरान के पास छिपी लंबी दूरी वाली मिसाइलें (जैसे Khorramshahr-4) हैं या नहीं।
हमला ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की अनुमति के ठीक बाद हुआ, जिन्होंने अमेरिका को ब्रिटिश बेस (डिएगो गार्सिया और RAF फेयरफोर्ड) से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल साइट्स पर “रक्षात्मक” हमले करने की इजाजत दी। ईरान ने इसे “आक्रामकता में भागीदारी” बताया और बदला लिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला ईरान की “चेतावनी” है, लेकिन असफलता से उसकी मिसाइल क्षमता पर सवाल उठे हैं। अगर युद्ध भारतीय महासागर तक फैला तो वैश्विक तेल संकट और गहरा सकता है। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है – आगे की घटनाओं पर नजर रखें।
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