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युद्ध से ईरान की अर्थव्यवस्था डगमगाई ? 10 मिलियन रियाल का सबसे बड़ा बैंकनोट जारी, रियाल 40% गिरा, महंगाई दोगुनी

तेहरान, 21 मार्च 2026 – अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ गया है। ईरान के सेंट्रल बैंक ने आज 10 मिलियन रियाल (1 करोड़ रियाल) का नया बैंकनोट जारी किया है, जो देश का अब तक का सबसे बड़ा नोट है। यह कदम युद्ध के कारण पैदा हुए नकदी संकट और ‘डैश फॉर कैश’ (नकदी की होड़) को काबू में लाने के लिए उठाया गया है।

नया गुलाबी रंग का नोट लगभग 7 अमेरिकी डॉलर (करीब 580 रुपये) के बराबर है। ईरानी रियाल की विनिमय दर इस समय 1.6 मिलियन रियाल प्रति डॉलर के आसपास पहुंच गई है। नोट के आगे की तरफ यज्द की प्रसिद्ध जामे मस्जिद (9वीं शताब्दी) और पीछे की तरफ 2,500 साल पुरानी बाम सिटाडेल की तस्वीर छपी है।

युद्ध ने ट्रिगर किया कैश क्रंच

युद्ध शुरू होने के बाद ईरानी नागरिक बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। कई एटीएम खाली हो चुके हैं। एक स्थानीय नागरिक ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, “मैं एक घंटा लाइन में खड़ा रहा। क्लर्क ने सिर्फ 1 करोड़ रियाल देने को कहा। जब मैंने हंगामा किया तो 3 करोड़ रियाल मिल गए।”

सेंट्रल बैंक का कहना है कि यह नोट “जनता को नकदी उपलब्ध कराने” के लिए जारी किया गया है। हालांकि, बैंक अब ग्राहकों को सीमित राशि ही निकालने दे रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि युद्ध के बावजूद नकदी आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी, लेकिन युद्ध में बैंकों पर हमले (जैसे बैंक सेपाह पर मिसाइल हमला) ने स्थिति और बिगाड़ दी है।

पिछले नोट से भी बड़ा

यह नोट फरवरी 2026 में जारी 5 मिलियन रियाल के नोट से भी बड़ा है। इससे पहले मार्च की शुरुआत में 1 मिलियन तोमान (10 मिलियन रियाल) के “ईरान-चेक” भी जारी किए गए थे। ईरान में लोग आधिकारिक रूप से रियाल और रोजमर्रा में तोमान में हिसाब करते हैं।

आर्थिक संकट की गंभीर स्थिति

  • रियाल पिछले कुछ महीनों में 40% तक गिर चुका है।
  • मुद्रास्फीति आसमान छू रही है – खाने-पीने की चीजों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
  • सालों पुरानी अमेरिकी प्रतिबंध, तेल आय में कमी और भ्रष्टाचार ने अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया।
  • जनवरी 2026 में महंगाई के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए, जिन्हें सख्ती से कुचला गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध लंबा खिंचा तो ईरानी रियाल और कमजोर होगा, जिससे आम लोगों की जिंदगी और मुश्किल हो जाएगी। सेंट्रल बैंक ने हालांकि डिजिटल भुगतान (डेबिट कार्ड, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग) को मुख्य माध्यम बनाए रखने की अपील की है।

ईरान में यह नया नोट जारी होना युद्ध के आर्थिक असर का सबसे ताजा और दृश्य प्रमाण है। लाखों ईरानी नागरिक अब नकदी जमा करने की होड़ में लगे हुए हैं, जबकि देश की अर्थव्यवस्था युद्ध की चपेट में बुरी तरह फंसी हुई है।

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