राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर इस वक्त देश की सबसे सुलगती राजनीतिक आग की चपेट में है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष, उग्र छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का हल्ला बोल ऐसा भड़का कि देखते ही देखते पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बीच शुरू हुआ यह घमासान अब इस मोड़ पर आ चुका है, जहां दिल्ली पुलिस के पहरे, ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों और नेताओं की हिरासत के बावजूद आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। आइए जानते हैं 3 अक्टूबर 2026 तक की इस बड़ी खबर के सभी मुख्य अपडेट्स:
धारा 163 का शिकंजा: दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) सख्ती से लागू कर दी है। इसके तहत बिना किसी पूर्व अनुमति के किसी भी तरह की सभा, नारेबाजी या धरने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मेट्रो स्टेशन और रास्ते सील: प्रदर्शनकारियों को जुटने से रोकने के लिए जंतर-मंतर के आसपास के 11 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं। पूरे इलाके में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है।
बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां: 2 और 3 अक्टूबर को प्रदर्शन करने पहुंचे 700 से 1000 से अधिक लोगों और छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दिग्गज चेहरे शामिल: इस कार्रवाई के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह, स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख छात्र संगठनों (AISA, SFI, NSUI) के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मुकदमे दर्ज: नियमों का उल्लंघन करने, बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में कुल 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
CEC के इस्तीफे की मांग: आंदोलनकारियों का एकमात्र और मुख्य लक्ष्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।
वोट चोरी और SIR पर गंभीर आरोप: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और बड़े स्तर पर वोट चोरी किए गए हैं, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़े होते हैं।
‘जंतर मंतर 2.0’ आंदोलन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो आगामी 10 अक्टूबर 2026 को पूरे देश से लोग दिल्ली कूच करेंगे और एक बड़े ‘जंतर मंतर 2.0’ आंदोलन का आगाज होगा।
जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए कई इलाकों में प्रतिबंध लगाए और तीन FIR दर्ज कीं। वहीं, CJP ने 10 अक्टूबर को दोबारा प्रदर्शन की घोषणा की है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है।
सैमसंग (Samsung) के चाहने वालों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। कंपनी…
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए…
अमेरिका की धरती पर एक बार फिर 'हेट क्राइम' की एक खौफनाक और निंदनीय घटना…
भारतीय राजनीति के गलियारों में एक ऐसा राजनीतिक भूचाल आया है, जिसने सबको सकते में…
सिनेमा के गलियारों में खलबली मच गई है और फैंस के दिलों की धड़कनें तेज…
अक्टूबर महीने की आहट के साथ ही देश-दुनिया के अस्पतालों और इमारतों पर एक खास…