आईपीएल 2026 (IPL 2026) का रोमांचक सीजन खत्म हो चुका है और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के फैंस एक बार फिर जश्न में डूबे हैं क्योंकि ट्रॉफी लगातार दूसरी बार आरसीबी के हाथों में है।
हर तरफ विराट कोहली की चमक, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारियों और नए सितारों की चर्चा हो रही है। लेकिन इस पूरे शोर-शराबे के बीच एक ऐसा नाम है जो इस ऐतिहासिक खिताबी जीत का सबसे बड़ा ‘मास्टरमाइंड’ है, मगर फिर भी वह सुर्खियों के केंद्र से गायब है। वे हैं आरसीबी के शांत कप्तान रजत पाटीदार।
33 वर्षीय पाटीदार ने अपनी कप्तानी और बल्ले के दम पर इतिहास रच दिया है, लेकिन उनका अंदाज बिना किसी शोर-शराबे के सिर्फ बल्ले से जवाब देने का है।
प्लेऑफ में ‘तूफान’: 33 गेंदें, 93 रन और सिर्फ एक डॉट बॉल!
सीजन में भले ही वैभव सूर्यवंशी की 97 रनों की पारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही हो, लेकिन प्लेऑफ के दबाव और इम्पैक्ट के मामले में कप्तान रजत पाटीदार की पारी आईपीएल इतिहास की सबसे खतरनाक पारियों में शुमार हो गई है।
- जीटी के खिलाफ तबाही: क्वालिफायर-1 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब पाटीदार ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन कूट दिए।
- कमाल का स्ट्राइक रेट: इस पारी में उन्होंने 9 छक्के और 5 चौके उड़ाते हुए 281.82 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस हाई-प्रेशर मैच की पूरी पारी में उन्होंने सिर्फ एक सिंगल डॉट बॉल खेली।
धोनी और रोहित के ‘एलिट क्लब’ में शामिल हुए पाटीदार
रजत पाटीदार अब सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों की कतार में खड़े हो गए हैं।आईपीएल के इतिहास में लगातार दो बार अपनी टीम को फाइनल जिताने और ट्रॉफी उठाने वाले कप्तानों की सूची में अब पाटीदार का नाम महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के साथ दर्ज हो चुका है।
फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनका टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला बेहद जोखिम भरा माना जा रहा था, लेकिन उनके सटीक फील्ड प्लेसमेंट और डेथ ओवरों में सही गेंदबाजों के इस्तेमाल ने जीटी को बड़े स्कोर से रोक दिया और आरसीबी ने आसानी से लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया. जिस बेंगलुरु को पहली ट्रॉफी के लिए 18 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था, उसे पाटीदार ने बैक-टू-बैक दो बार चैंपियन बना दिया।
छक्कों की रेस में दिग्गजों को दी टक्कर
एक कप्तान की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ पाटीदार इस सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक रहे..
- उन्होंने आईपीएल 2026 में 42 छक्के जड़े और इसके साथ ही कप्तान के तौर पर एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में उनसे ज्यादा छक्के सिर्फ वैभव सूर्यवंशी (72) और अभिषेक शर्मा (43) के नाम रहे।
- इस सीजन में पाटीदार ने 192.69 के तूफानी स्ट्राइक रेट से रन बनाए और विराट कोहली के बराबर 5 अर्धशतक ठोकते हुए कुल 501 रन अपने खाते में जोड़े. इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल करियर में अपने छक्कों का शतक भी पूरा कर लिया है।
टीम इंडिया में टी20 डेब्यू का आज भी इंतजार: आखिर और क्या करना होगा?
रजत पाटीदार की इस अविश्वसनीय कहानी का सबसे बड़ा और कड़वा सच यही है कि जो कप्तान अपनी टीम को लगातार दो आईपीएल ट्रॉफी दिला चुका है, जिसने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं, वह आज भी भारतीय टी20 टीम में अपने डेब्यू का इंतजार कर रहा है. (पाटीदार भारत के लिए 1 वनडे और 3 टेस्ट मैच खेल चुके हैं )
क्रिकेट गलियारों में अब यह बड़ा सवाल गूंज रहा है कि क्या सिर्फ कैमरों और सोशल मीडिया के शोर से दूर रहने और शांत स्वभाव के होने के कारण पाटीदार को वो लाइमलाइट और श्रेय नहीं मिल पा रहा है जिसके वे हकदार हैं?
20 लाख के बेस प्राइस पर नहीं मिला था खरीदार, ऐसे पलटी किस्मत
रजत पाटीदार का अंडरडॉग से आरसीबी का किंग बनने का सफर किसी फिल्मी कहानी जैसा है:
- 2022 की नीलामी में रहे अनसोल्ड: 2021 में आरसीबी द्वारा रिलीज किए जाने के बाद 2022 के मेगा ऑक्शन में उन्हें 20 लाख रुपये के बेस प्राइस पर भी किसी टीम ने नहीं खरीदा था।
- चोट ने बदली किस्मत: लवनीत सिसोदिया के चोटिल होने पर आरसीबी ने उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया. उन्होंने मौके का फायदा उठाया और प्लेऑफ में शतक जड़ने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बने।
- चोट से वापसी और कप्तानी: 2023 में एड़ी की गंभीर चोट के कारण वे पूरे सीजन से बाहर रहे।लेकिन जब उन्होंने वापसी की, तो उनके रणनीतिक दिमाग और शांत व्यवहार को देखते हुए उन्हें आरसीबी की कप्तानी सौंपी गई और आज नतीजा सबके सामने है।