नई दिल्ली। अरुण जेटली स्टेडियम में सोमवार की शाम दिल्ली कैपिटल्स के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई। आईपीएल 2026 के एक बेहद एकतरफा मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाजों ने घरेलू टीम को उनके ही मैदान पर अपमानित कर दिया। जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी के आगे दिल्ली का बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
पावरप्ले में मचा कोहराम: 13 रन पर गिरे 6 विकेट|
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल इतिहास का सबसे खराब पावरप्ले स्कोर (13/6) दर्ज किया। तबाही की पटकथा अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने पारी की दूसरी ही गेंद पर लिख दी।
- ड्रीम बॉल: भुवनेश्वर ने डेब्यू कर रहे साहिल पारख को एक सटीक ‘इन-डिपिंग यॉर्कर’ पर क्लीन बोल्ड किया। सोशल मीडिया पर इस गेंद को ‘टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गेंद’ करार दिया जा रहा है।
- हेजलवुड का डबल स्ट्राइक: ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज जोश हेजलवुड ने पिछले मैच के हीरो केएल राहुल (1) और समीर रिजवी (0) को लगातार दो गेंदों पर चलता कर स्टेडियम में सन्नाटा पसरा दिया।
भुवनेश्वर की स्विंग का जादू
भुवनेश्वर कुमार (3/5) ने अपनी स्विंग पर गजब का नियंत्रण दिखाया। उन्होंने खतरनाक ट्रिस्टन स्टब्स (5) को स्लिप में देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराया और फिर कप्तान अक्षर पटेल को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। एक समय दिल्ली का स्कोर 3 ओवर में 8 रन पर 5 विकेट और फिर 9 रन पर 6 विकेट हो गया था, जो किसी अविश्वसनीय पतन से कम नहीं था।
शर्मनाक रिकॉर्ड से बाल-बाल बची दिल्ली
आरसीबी के गेंदबाजों ने दिल्ली की बल्लेबाजी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। पावरप्ले के दौरान दिल्ली के बल्ले से सिर्फ एक बाउंड्री (स्टब्स) आई।
- हेजलवुड का कहर: जोश हेजलवुड ने 4 ओवर में मात्र 12 रन देकर 4 विकेट झटके, जिसमें नितीश राणा उनका तीसरा शिकार बने।
- निचला क्रम: अभिषेक पोरेल (30), डेविड मिलर (19) और काइल जैमीसन (12) के प्रयासों की बदौलत दिल्ली 75 रन (16.3 ओवर) तक पहुँचने में सफल रही।
- बची बदनामी: दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल के सबसे कम स्कोर (49 रन – आरसीबी बनाम केकेआर, 2017) का शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने से तो बच गई, लेकिन 75 रन का स्कोर भी उनके लिए किसी गहरे जख्म से कम नहीं है।
मैच का टर्निंग पॉइंट
आरसीबी के शुरुआती तीन ओवरों ने मैच का फैसला लगभग तय कर दिया था। भुवनेश्वर और हेजलवुड की सटीकता और गेंद की मूवमेंट ने दिल्ली के बल्लेबाजों को ‘सर्वाइवल मोड’ में डाल दिया, जिससे वे अंत तक उबर नहीं सके।