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इनर मंगोलिया की झीलों में छिपा था 10 करोड़ साल पुराना रहस्य, डायनासोर युग का यह छोटा जीव आखिर कैसे बचा रहा करोड़ों साल?

बीजिंग/नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: चीन के इनर मंगोलिया से वैज्ञानिकों को ऐसी खोज मिली है जिसने डायनासोर युग की दुनिया की एक नई झलक दिखा दी है। यहां 10 करोड़ साल से भी ज्यादा पुराना एक बेहद दुर्लभ जीवाश्म मिला है, जिसे वैज्ञानिकों ने Weichangiops squamosus नाम दिया है। यह एक प्राचीन Notostraca समूह का क्रस्टेशियन है, जिसे आम भाषा में टैडपोल श्रिंप जैसा जलजीव कहा जा सकता है। इसकी शानदार संरक्षण स्थिति ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।

यह जीवाश्म इनर मंगोलिया के Duolun क्षेत्र की मशहूर Yixian Formation से मिला है, जो Lower Cretaceous काल की मानी जाती है। यह वही इलाका है जहां पहले भी Jehol Biota के कई अद्भुत जीवाश्म मिल चुके हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह नया नमूना इतना साफ-सुथरा संरक्षित है कि इसके खोल, शरीर के खंड और छोटे-छोटे अंगों की बनावट तक स्पष्ट दिखाई दे रही है।

क्यों खास है यह ‘लिविंग फॉसिल’?

इस खोज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जीव उन दुर्लभ प्रजातियों में गिना जा रहा है जिनकी शारीरिक बनावट करोड़ों साल में लगभग नहीं बदली। इसी वजह से इसे ‘लिविंग फॉसिल’ की श्रेणी में रखा जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे जीव हमें बताते हैं कि पृथ्वी पर कुछ जीवन रूप कितने लचीले और अनुकूलनशील रहे हैं।

ज्वालामुखी राख ने बचा ली 10 करोड़ साल पुरानी कहानी

Yixian Formation अपनी exceptional preservation के लिए दुनियाभर में मशहूर है। माना जाता है कि उस समय ज्वालामुखी गतिविधियों से झीलों में राख और बारीक तलछट जमा हुई, जिससे पानी में ऑक्सीजन बेहद कम हो गई। इसी वजह से मृत जीव सड़ नहीं पाए और उनके शरीर के बेहद सूक्ष्म हिस्से तक सुरक्षित रह गए। यही कारण है कि यह जीवाश्म आज इतनी शानदार हालत में मिला है।

वैज्ञानिकों को क्या मिलेगा फायदा?

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह खोज सिर्फ एक नए जीवाश्म की discovery नहीं है, बल्कि इससे Cretaceous काल के जलजीवों की विविधता, विकास और प्राचीन जलवायु को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। यह स्टडी Cretaceous Research journal में प्रकाशित हुई है, जिसमें पुरानी प्रजाति Weichangiops trangularis की पहचान को भी नए नमूनों के आधार पर अपडेट किया गया है।

धरती के अतीत की नई खिड़की

वैज्ञानिक अब इस जीवाश्म की 3D स्कैनिंग और detailed morphological study कर रहे हैं। उम्मीद है कि इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि 10 करोड़ साल पहले झीलों और उथले जल क्षेत्रों का ecosystem कैसा था और environmental changes के बावजूद कुछ प्रजातियां कैसे लंबे समय तक लगभग एक जैसी बनी रहीं।

छोटा सा यह जलजीव आज भी हमें यह याद दिला रहा है कि धरती का अतीत जितना पुराना है, उतना ही रोमांचक भी।

news desk

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