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मस्क ने जिसे कहा था ‘Snake’ उन्हे ट्रंप ने क्यों बनाया भारत का राजदूत,  भारत पर क्या पड़ेगा असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत में अगले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर होंगे. सर्जियो गोर को अमेरिका में प्रभावशाली व्यक्तियों में गिना जाता है, साथ ही वो राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं. इसलिए राजदूत के रूप में उनकी भारत में नियुक्ति पर न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की नजर है.

गोर की नियुक्ति से भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या पड़ेगा असर ?

सर्जियो गोर को भारत में अगला राजदूत नियुक्त करने का फैसला दोनों देशों के संबंधों पर खासा असर डालेगा. गोर ट्रंप के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं और उनकी पहचान एक आक्रामक और स्पष्टवादी राजनयिक छवि के रूप में रही है. माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से भारत-अमेरिका रिश्ते अधिक लेन-देन वाले हो सकते हैं. खासकर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में वे अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देते हुए भारत पर दबाव बढ़ा सकते हैं. ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के संबंध अपने सबसे खराब दौर में हैं, गोर की नियुक्ति भारत के लिए और चुनौतिपूर्ण हो सकती है.

कौन हैं सर्जियो गोर ?

गोर का अतीत कॉर्पोरेट जगत के विवादों से जुड़ा रहा है, जिसमें ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच टकराव में उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है. कहा जाता है कि इसी विवाद के चलते एलन मस्क को ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा देना पड़ा था. यहां तक कि मस्क ने ‘एक्स’ पर गोर को ‘सांप’ तक कह डाला था. इस वजह से यह आशंका भी जताई जा रही है कि भारत में सक्रिय टेक्नोलॉजी कंपनियों और नए निवेशकों को उनके रवैये का सीधा असर झेलना पड़ सकता है.

दक्षिण एशियाई मामलों के विश्लेषक माइकल कुगमैन ने एक्स पर इस संबंध में लिखा है कि, ‘अगर गोर की नियुक्ति को भारत में राजदूत के तौर पर मंज़ूरी मिल जाती है और साथ ही विशेष दूत की भूमिका भी निभाते हैं, तो यह माना जाएगा कि भारत-पाकिस्तान ‘हाइफ़नेशन’ (दोनों को एक ही संदर्भ में देखने की नीति) फिर से लौट आयी है.’

गोर की नियुक्ति से भारत-अमेरिका संबंधों में गतिशीलता तो बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियाँ भी सामने आएँगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत उनकी नीतियों और रवैये का किस तरह जवाब देता है. एरिक गार्सेटी के बाद से भारत में अमेरिका का कोई राजदूत नहीं था. लेकिन जिस तरह से टैरिफ नीति और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत और अमेरिका के बीच गतिरोध बढ़ा है उसके बाद हुई ये नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।

news desk

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