भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी में गिरावट के बाद रिकवरी देखने को मिली, जबकि कच्चे तेल की कीमतों ने बाजार को अस्थिर बनाए रखा।
मंगलवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए किसी एड्रेनालिन-पंपिंग राइड से कम नहीं रही। बाजार खुलते ही निफ्टी में आई भारी गिरावट ने एक बार तो सबको चौंका दिया, लेकिन फिर रिकवरी और उतार-चढ़ाव का ऐसा सिलसिला चला कि ट्रेडर्स की सांसें ऊपर-नीचे होती रहीं। सेंसेक्स में 700 अंकों की भारी हलचल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह अस्थिर कर रखा है।
आज सुबह निफ्टी ने 22,950 के स्तर पर एक कमजोर शुरुआत की। शुरुआती 15 मिनटों के भीतर ही तेज बिकवाली (Sell-off) ने इसे 22,740 के पास ला पटका। दिन का निचला स्तर 22,719 रहा। हालांकि, बाजार में खरीदारों की वापसी हुई और 10:15 बजे तक निफ्टी फिर से 22,950 के पार निकल गया।
बाजार के मुख्य आंकड़े:
बाजार की इस उठापटक के पीछे ग्लोबल मार्केट के संकेत काफी अहम हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम $110 प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई और सप्लाई चेन को लेकर डर बढ़ गया है। कच्चे तेल की यह तेजी सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मार्जिन पर असर डालती है, जिससे ट्रेडर्स फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।
मशहूर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal Financial Services ने Q4 नतीजों को लेकर अपनी भविष्यवाणी जारी की है। उनके अनुसार:
भले ही सेकेंडरी मार्केट में उतार-चढ़ाव हो, लेकिन प्राइमरी मार्केट यानी IPO मार्केट में जबरदस्त उत्साह है। निवेशक Emiact Technologies और Safety Controls के आगामी IPO का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बनी रहने की उम्मीद है।
बाजार की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि लिक्विडिटी तो मौजूद है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) का दबाव भी बना हुआ है।
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