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मंदिर जाएंगे तो मोबाइल बाहर ही रखना होगा! ₹5 में जमा होगा फोन, तमिलनाडु में आज से सख्त हुआ नियम; जानें हाई कोर्ट का पूरा आदेश

चेन्नई: तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में मंगलवार, 1 सितंबर से श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन लेकर प्रवेश पर रोक लागू कर दी गई है। हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग ने यह व्यवस्था मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत लागू की है। अब मंदिर में मोबाइल लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा। इसके लिए प्रति फोन 5 रुपये शुल्क लिया जाएगा। मंदिरों में फोटो, वीडियो, सेल्फी और रील्स बनाने से धार्मिक माहौल प्रभावित होने की शिकायतों के बाद इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया है।

मोबाइल लेकर मंदिर पहुंचे तो बाहर करना होगा जमा

तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में अब श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश द्वार के पास मोबाइल जमा करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। यहां प्रत्येक फोन के लिए 5 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

फोन जमा करने के बाद श्रद्धालु को रसीद या टोकन दिया जाएगा। दर्शन पूरा होने के बाद इसी रसीद के आधार पर फोन वापस लिया जा सकेगा। यानी मोबाइल साथ लेकर मंदिर पहुंचने पर उसे घर वापस ले जाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि निर्धारित काउंटर पर सुरक्षित रूप से जमा कराया जा सकेगा।

कांचीपुरम में सुबह 6 बजे से शुरू हुई व्यवस्था

कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथी वरदार मंदिर में मंगलवार सुबह 6 बजे से मोबाइल जमा करने की व्यवस्था शुरू कर दी गई। यहां श्रद्धालुओं के फोन जमा कराने के लिए 2 कंप्यूटर ऑपरेटर और 2 सहायक तैनात किए गए हैं।

मोबाइल जमा करते समय श्रद्धालु की तस्वीर ली जाती है। साथ ही फोन का मॉडल और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु को पावती दी जाती है। दर्शन के बाद पावती और दर्ज रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद फोन वापस किया जाता है।

श्रद्धालुओं को नए नियम की जानकारी देने के लिए मंदिर परिसर, पार्किंग क्षेत्र और अन्य प्रमुख स्थानों पर कई भाषाओं में सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।

फोटो, सेल्फी और रील्स बनीं बड़ी वजह

हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मुताबिक, मंदिरों में मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने की एक बड़ी वजह फोटो और वीडियो से जुड़ी गतिविधियां हैं। विभाग का कहना है कि कई श्रद्धालु, खासकर युवा, मंदिर परिसर में सेल्फी लेने, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया के लिए रील्स शूट करने में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे।

इन गतिविधियों की वजह से मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित होने के साथ दूसरे श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए मंदिरों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है।

अचानक नहीं लिया गया फैसला, 2022 के आदेश से जुड़ा है मामला

तमिलनाडु सरकार का यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। विभाग के अनुसार, 2 दिसंबर 2022 को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच की ओर से दिए गए आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

इससे पहले जारी विभागीय सर्कुलर में भी मंदिरों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने से श्रद्धालुओं को रोकने और उनके फोन सुरक्षित रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। हाई कोर्ट का आदेश तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आया था। यह याचिका सीतारामन नाम के व्यक्ति ने दाखिल की थी।

विधानसभा में पहले ही कर दिया गया था ऐलान

तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री रमेश ने विधानसभा में पहले ही घोषणा कर दी थी कि 1 सितंबर से राज्य के प्रमुख मंदिरों में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। मंगलवार से इस घोषणा को मंदिरों में लागू कर दिया गया।

मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि प्रवेश द्वार और मंदिर परिसर के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्ड के जरिए श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि मंदिर के भीतर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित है। इसके अलावा लाउडस्पीकर के जरिए भी लगातार इस नियम की जानकारी दी जाएगी।

सिर्फ फोटो खींचने पर नहीं, फोन ले जाने पर ही रोक

नए नियम को केवल फोटो खींचने या वीडियो बनाने पर लगी पाबंदी समझना सही नहीं होगा। विभाग के निर्देश के मुताबिक, श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन लेकर जाने से ही रोका जाएगा।

फोटो, वीडियो, सेल्फी और सोशल मीडिया रील्स जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिरों का शांत और धार्मिक वातावरण बनाए रखना भी है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे दूसरे श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी भी कम होगी।

दर्शन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अब मोबाइल फोन को लेकर पहले से तैयारी करनी होगी। यदि मोबाइल साथ लेकर मंदिर पहुंचते हैं, तो उसे प्रवेश से पहले निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा। फोन जमा कराने के बाद मिलने वाली रसीद या टोकन को संभालकर रखना जरूरी होगा, क्योंकि दर्शन के बाद उसी के आधार पर मोबाइल वापस मिलेगा।

मंदिर प्रशासन की ओर से प्रवेश द्वार, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लाउडस्पीकर के जरिए भी श्रद्धालुओं को नियम की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि मध्य प्रदेश के महाकाल मंदिर में भी मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लागू है।

vineet verma

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