नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने दावा किया है कि पार्टी छोड़ चुके कई सांसद और विधायक दोबारा ममता बनर्जी के साथ आना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस का दबाव हट जाए तो 24 घंटे के भीतर कई बागी नेता टीएमसी में वापसी कर सकते हैं।
‘6 सांसद और आधे से ज्यादा विधायक संपर्क में’
कुणाल घोष ने दावा किया कि पार्टी के छह बागी सांसद और आधे से ज्यादा बागी विधायक सीधे ममता बनर्जी के संपर्क में हैं। उनके अनुसार, ये नेता टीएमसी में लौटना चाहते हैं, लेकिन कथित पुलिस दबाव के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने खुद ममता बनर्जी से संपर्क किया, जबकि कुछ से पार्टी प्रमुख ने भी बातचीत की है।
‘नाम नहीं बताऊंगा, राजनीतिक फायदा नहीं उठाने दूंगा’
अपने दावे को आगे बढ़ाते हुए कुणाल घोष ने कहा कि वह किसी भी सांसद या विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, ऐसा करने से दूसरे राजनीतिक दल इसका फायदा उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी छोड़कर अन्य दलों में गए कई नेता अब दोबारा पार्टी में लौटने के इच्छुक हैं।
बंगाल में विपक्ष की राजनीति पर बढ़ी हलचल
राज्य में नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच विपक्ष की भूमिका को लेकर भी सियासी गतिविधियां तेज हैं। विधानसभा चुनाव के बाद कई नेताओं के दल बदलने की घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नई दिशा दी है। इसी बीच कुणाल घोष का यह दावा राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है।
बागी गुट की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं
कुणाल घोष के दावों पर विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी या उनके समर्थक विधायकों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हालांकि, जून में मीडिया से बातचीत के दौरान ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि उन्हें 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्ष के रूप में मान्यता मिली है और वह चाहते हैं कि ममता बनर्जी विपक्ष को मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन दें। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अभिषेक बनर्जी को नहीं जानते।