नई दिल्ली: भारतीय रसोई में एल्यूमिनियम के प्रेशर कुकर का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है, लेकिन समय-समय पर यह सवाल उठता रहा है कि क्या इसमें खाना बनाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर तब जब इसमें रोजाना खाना पकाया जाए। इस विषय पर वैज्ञानिक शोध और स्वास्थ्य संस्थाओं की राय को समझना जरूरी है, क्योंकि कई दावे बढ़ा-चढ़ाकर भी पेश किए जाते हैं।
क्या एल्यूमिनियम के बर्तन सच में खतरनाक हैं?
एल्यूमिनियम एक सामान्य धातु है और बहुत कम मात्रा में यह भोजन व पर्यावरण के जरिए शरीर में पहुंच सकती है। खाना पकाते समय कुछ मात्रा भोजन में जा सकती है, खासकर तब जब बर्तन पुराना, खुरचा हुआ हो या उसमें खट्टे खाद्य पदार्थ बनाए जाएं।
हालांकि सामान्य घरेलू उपयोग और सीमित एक्सपोजर को लेकर यह स्पष्ट वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं है कि केवल एल्यूमिनियम के कुकर में खाना बनाने से सीधे गंभीर बीमारी हो जाती है।
किस बीमारी का सबसे ज्यादा जिक्र किया जाता है?
एल्यूमिनियम और अल्ज़ाइमर रोग के बीच संबंध को लेकर वर्षों से चर्चा होती रही है। कुछ शुरुआती अध्ययनों में अल्ज़ाइमर से प्रभावित लोगों के दिमाग में एल्यूमिनियम का स्तर अधिक पाया गया था।
लेकिन अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण यह साबित नहीं करते कि एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से सीधे Alzheimer’s disease होता है। कई स्वास्थ्य संस्थाएं कहती हैं कि इस संबंध पर निर्णायक सबूत मौजूद नहीं हैं।
किन स्थितियों में जोखिम बढ़ सकता है?
विशेषज्ञ आमतौर पर कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं—
- एल्यूमिनियम के पुराने या ज्यादा घिसे बर्तन इस्तेमाल न करें
- टमाटर, सिरका, नींबू जैसी ज्यादा अम्लीय चीजें लंबे समय तक इसमें न पकाएं
- बहुत देर तक खाना कुकर में स्टोर न करें
- यदि किडनी की गंभीर समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि शरीर से धातुओं को बाहर निकालने में किडनी की भूमिका होती है
हड्डियों, खून और किडनी को लेकर क्या कहा जाता है?
अत्यधिक एल्यूमिनियम एक्सपोजर को कुछ शोधों में कैल्शियम और आयरन के संतुलन, हड्डियों की कमजोरी तथा किडनी से जुड़ी समस्याओं से जोड़ा गया है। लेकिन यह आम घरेलू उपयोग से अलग परिस्थितियों—जैसे औद्योगिक एक्सपोजर या बहुत अधिक मात्रा—में ज्यादा देखा गया है।
कौन सा कुकर बेहतर माना जाता है?
रोजाना उपयोग के लिए कई विशेषज्ञ स्टेनलेस स्टील के प्रेशर कुकर को अधिक स्थिर विकल्प मानते हैं क्योंकि वे भोजन के साथ अपेक्षाकृत कम प्रतिक्रिया करते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले और सही स्थिति में रखे गए बर्तनों का इस्तेमाल सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।