नई दिल्ली: फिटनेस का मतलब केवल वजन कम होना, पेट सपाट होना या भारी वजन उठाने की क्षमता नहीं है। शरीर की असली फिटनेस का अंदाजा उसकी ताकत, संतुलन, गतिशीलता और लचीलेपन से भी लगाया जाता है। अच्छी बात यह है कि इन क्षमताओं को परखने के लिए हर बार जिम या किसी विशेष मशीन की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान परीक्षण आप घर पर भी कर सकते हैं। इनसे आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपका शरीर किस स्तर पर मजबूत, संतुलित और लचीला है।
फिटनेस कोच वान्या मूव्स ने 8 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में ऐसे कई व्यायाम आधारित परीक्षण साझा किए हैं, जिनके जरिए शारीरिक फिटनेस के साथ शरीर की गतिशीलता और लचीलेपन को भी परखा जा सकता है। हालांकि, इन परीक्षणों को किसी बीमारी की जांच या चिकित्सकीय परीक्षण का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
डीप स्क्वाट होल्ड शरीर के निचले हिस्से की गतिशीलता और स्थिरता को परखने का आसान तरीका है। इसके लिए पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर रखें और एड़ियों को जमीन पर टिकाए रखते हुए गहरे स्क्वाट की स्थिति में बैठें। कोशिश करें कि करीब 60 सेकंड तक इसी स्थिति में बने रहें।
अगर इस दौरान एड़ियां जमीन से उठने लगती हैं या शरीर को सहारे की जरूरत पड़ती है, तो यह टखनों, घुटनों और कूल्हों की गतिशीलता या निचले शरीर की मजबूती पर ध्यान देने का संकेत हो सकता है।
डेड हैंग के जरिए हाथों की पकड़ और ऊपरी शरीर की सहनशक्ति को परखा जा सकता है। इसके लिए किसी मजबूत और सुरक्षित बार को दोनों हाथों से पकड़कर शरीर को लटकाएं और करीब 30 सेकंड तक बने रहने की कोशिश करें।
अगर आप 30 सेकंड तक नहीं टिक पाते हैं तो इसे अपनी मौजूदा क्षमता का शुरुआती स्तर मान सकते हैं। इस अभ्यास में अच्छी ग्रिप स्ट्रेंथ के साथ कंधों पर नियंत्रण भी जरूरी होता है। यदि आप पहली बार यह परीक्षण कर रहे हैं, तो बार की मजबूती और आसपास की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
यह परीक्षण शरीर के कई हिस्सों के बीच तालमेल और संतुलन को एक साथ परखता है। इसके लिए जमीन पर लेटें और बिना हाथों का सहारा लिए उठकर बैठने की कोशिश करें। इसके बाद बिना घुटनों या हाथों का सहारा लिए खड़े होने का प्रयास करें।
अगर इस पूरी प्रक्रिया में आपको हाथ, घुटने या किसी अन्य सहारे की जरूरत पड़ती है, तो इसे अपनी वर्तमान क्षमता का शुरुआती स्तर माना जा सकता है। यह एक कार्यात्मक गतिविधि है, जिसमें शरीर का संतुलन, नियंत्रण और गतिशीलता एक साथ काम करते हैं।
फॉरवर्ड फोल्ड शरीर के पिछले हिस्से, खासकर हैमस्ट्रिंग और कूल्हों के आसपास के लचीलेपन का अंदाजा देने वाला परीक्षण है। सीधे खड़े होकर पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर रखें और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें।
अगर आप बिना घुटने मोड़े अपने हाथों को पैरों के पास या जमीन तक नहीं ले जा पा रहे हैं, तो शरीर के पिछले हिस्से में जकड़न या कूल्हों की गतिशीलता कम होने का संकेत हो सकता है। इस दौरान शरीर पर जरूरत से ज्यादा जोर न डालें और दर्द होने पर तुरंत रुक जाएं।
सिंगल लेग बैलेंस शरीर के संतुलन और टखने की स्थिरता को जांचने का आसान तरीका है। एक पैर पर खड़े होकर संतुलन बनाने की कोशिश करें और आंखें बंद करके करीब 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहने का प्रयास करें।
अगर आप बार-बार लड़खड़ाते हैं या संतुलन बनाए रखने में मुश्किल होती है, तो शरीर के संतुलन और टखनों की स्थिरता पर काम करने की जरूरत हो सकती है। पहली बार यह अभ्यास करते समय किसी मजबूत सहारे के पास खड़े रहें, ताकि संतुलन बिगड़ने पर चोट से बचा जा सके।
इन पांचों परीक्षणों को मिलाकर देखें तो शरीर की अलग-अलग क्षमताओं का एक सामान्य अंदाजा लगाया जा सकता है। डीप स्क्वाट निचले शरीर की गतिशीलता और स्थिरता, डेड हैंग पकड़ व ऊपरी शरीर की सहनशक्ति, फ्लोर गेट-अप शरीर के समन्वय और कार्यक्षमता, फॉरवर्ड फोल्ड लचीलेपन और सिंगल लेग बैलेंस संतुलन की जानकारी देता है।
हालांकि, किसी एक टेस्ट में कमजोर प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि आप फिट नहीं हैं। उम्र, नियमित व्यायाम, चोट का इतिहास और शरीर की व्यक्तिगत क्षमता जैसे कई कारक इन परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें अपनी फिटनेस का एक सामान्य आकलन समझें, अंतिम फैसला नहीं।
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