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‘I’m Not A Robot’ पर सिर्फ एक क्लिक से Google कैसे पहचान लेता है इंसान या बॉट? CAPTCHA के पीछे छिपा है ये पूरा खेल

नई दिल्ली: इंटरनेट इस्तेमाल करते समय आपने कई वेबसाइटों पर ‘I’m Not A Robot’ का चेकबॉक्स जरूर देखा होगा। इसे देखकर अक्सर सवाल उठता है कि अगर कोई बॉट भी इस बॉक्स पर क्लिक कर सकता है, तो सिस्टम को कैसे पता चलता है कि सामने इंसान है या कोई स्वचालित प्रोग्राम? दरअसल, यह महज एक चेकबॉक्स नहीं है, बल्कि वेबसाइटों को स्वचालित बॉट, स्पैम और संदिग्ध गतिविधियों से बचाने वाली सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

क्या है CAPTCHA और क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?

‘I’m Not A Robot’ का इस्तेमाल CAPTCHA या reCAPTCHA तकनीक के तहत किया जाता है। CAPTCHA का पूरा नाम Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart है। इसका उद्देश्य इंसान और कंप्यूटर प्रोग्राम के बीच अंतर करना है।

अगर इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था न हो तो स्वचालित बॉट बड़ी संख्या में फर्जी खाते बना सकते हैं, स्पैम फैला सकते हैं या एक साथ बड़ी संख्या में टिकट बुक करने जैसी गतिविधियां कर सकते हैं। इससे वास्तविक उपयोगकर्ताओं को सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है और वेबसाइट के सर्वर पर भी अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

सिर्फ क्लिक करने से नहीं होती पहचान

दिलचस्प बात यह है कि किसी चेकबॉक्स पर क्लिक करना बॉट के लिए भी संभव है। लेकिन सिस्टम केवल यह नहीं देखता कि चेकबॉक्स पर क्लिक हुआ या नहीं। इसके बजाय उपयोगकर्ता के व्यवहार से जुड़े कई संकेतों का विश्लेषण किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, इंसान जब माउस को किसी बॉक्स तक ले जाता है तो उसकी गति पूरी तरह एक जैसी नहीं रहती। हाथ की स्वाभाविक हलचल के कारण कर्सर की दिशा और गति में छोटे बदलाव आ सकते हैं। इसके विपरीत स्वचालित बॉट तय पैटर्न के अनुसार अधिक सटीक और तेज तरीके से काम कर सकता है।

हालांकि, यह मानना सही नहीं होगा कि Google केवल माउस की चाल देखकर इंसान और बॉट के बीच अंतर करता है। वास्तविक प्रक्रिया इससे कहीं अधिक जटिल होती है।

बैकग्राउंड में कई संकेतों का होता है विश्लेषण

reCAPTCHA पृष्ठभूमि में कई तरह के संकेतों का इस्तेमाल कर सकता है। इनमें ब्राउजर और डिवाइस से जुड़े संकेत, आईपी से संबंधित जानकारी और उपयोगकर्ता के इंटरैक्शन से जुड़े संकेत शामिल हो सकते हैं। इन अलग-अलग संकेतों के आधार पर सिस्टम संभावित जोखिम का आकलन करता है।

अगर सिस्टम को किसी गतिविधि पर पर्याप्त भरोसा नहीं होता, तो उपयोगकर्ता के सामने अतिरिक्त CAPTCHA जांच भी आ सकती है। इसमें तस्वीरों के जरिए किसी खास वस्तु की पहचान करने के लिए कहा जा सकता है, जैसे ट्रैफिक लाइट, बस या सड़क से जुड़ी तस्वीरें।

बॉट रोकने के लिए पर्दे के पीछे चलता है पूरा सिस्टम

इसलिए अगली बार जब स्क्रीन पर ‘I’m Not A Robot’ दिखाई दे और आप उस पर क्लिक करें, तो इसे सिर्फ एक साधारण चेकबॉक्स न समझें। इस छोटे से परीक्षण के पीछे वेबसाइट की सुरक्षा व्यवस्था काम करती है, जो कई संकेतों के आधार पर यह आकलन करने की कोशिश करती है कि गतिविधि किसी वास्तविक उपयोगकर्ता की है या स्वचालित बॉट की।

vineet verma

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