Trending News

Hormuz Strait: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता फ्लॉप; जेडी वेंस ने ईरान को दी चेतावनी, क्या फिर दहकेगा मिडिल ईस्ट?

इस्लामाबाद/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने की सबसे बड़ी उम्मीद ‘इस्लामाबाद टॉक’ आधिकारिक तौर पर विफल हो गई है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वाशिंगटन रवानगी से पहले स्पष्ट कर दिया कि ईरान के अड़ियल रुख के कारण किसी भी समझौते पर नहीं पहुंचा जा सका है।

जेडी वेंस का बड़ा बयान: “ईरान के लिए यह बुरी खबर है”

वाशिंगटन लौटने से पहले जेडी वेंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम पिछले 21 घंटों से लगातार चर्चा कर रहे थे। राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम—जिसमें मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ शामिल हैं—लगातार संपर्क में थे। हमने एक अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव (Best and Final Offer) दिया था, जिसे ईरानी शासन ने स्वीकार नहीं किया।” वेंस ने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह विफलता अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए नुकसानदेह साबित होगी।

पाकिस्तान की भूमिका की सराहना

जेडी वेंस ने इस दौरान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बातचीत में विफलता का कारण पाकिस्तान नहीं था, बल्कि उन्होंने दोनों पक्षों को करीब लाने के लिए शानदार काम किया।

क्यों फेल हुई ‘इस्लामाबाद टॉक’? (2 मुख्य कारण)

शांति वार्ता की मेज पर सहमति न बन पाने के पीछे दो सबसे बड़े कंक्रीट कारण सामने आए हैं:

  1. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर विवाद: ईरान इस सामरिक समुद्री मार्ग पर अपना पूर्ण एकाधिकार (Control) चाहता है। वहीं, अमेरिका इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानता है और किसी भी कीमत पर इसे ईरान को सौंपने को तैयार नहीं है।
  2. परमाणु गारंटी (Nuclear Guarantee): अमेरिका की कड़ी शर्त थी कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम (Enriched Nuclear material) या तो अमेरिका को सौंप दे या पूरी तरह नष्ट कर दे। ईरान ने इस मांग को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए खारिज कर दिया।

डिफेंस एक्सपर्ट की राय: “साख की लड़ाई बना होर्मुज”

डिफेंस एक्सपर्ट संजय सोई के अनुसार, होर्मुज अब केवल एक रास्ता नहीं बल्कि अमेरिका की वैश्विक साख का सवाल बन गया है। ईरान में सत्ता परिवर्तन के प्रयासों के बावजूद जमीनी हालात नहीं बदले हैं। वार्ता विफल होने का सीधा मतलब है कि अब युद्ध की तीव्रता और बढ़ेगी।

ईरान का पलटवार: “अमेरिका की मांगें नाजायज”

दूसरी ओर, ईरानी वार्ताकारों ने बातचीत टूटने का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा है। तेहरान का कहना है कि वाशिंगटन ने ऐसी मांगें रखी थीं जो किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र के लिए स्वीकार करना संभव नहीं था। ईरान का रुख साफ है—वह “सरेंडर की शर्तों” पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।

news desk

Recent Posts

Hormuz Ship Attack: ओमान तट पर जहाज हमले से भड़का भारत! 11 भारतीय क्रू मेंबर्स में से 1 लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में छिड़ी जंग की…

6 minutes ago

एमपी उपचुनाव: क्यों दतिया से कटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट? जानें बीजेपी के इस चौंकाने वाले फैसले के पीछे की 3 बड़ी वजहें

भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव इस समय देश…

1 hour ago

Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम में ‘LAVA’ कर्मचारियों की इंसेंटिव ट्रिप का खौफनाक अंत, नाव पलटने से 15 भारतीयों की मौत, PM मोदी दुखी

हनोई/नई दिल्ली। वियतनाम के खूबसूरत फू क्वोक (Phu Quoc) द्वीप से एक बेहद दिल दहला…

2 hours ago

Lucknow Crime News: प्लॉट दिलाने के नाम पर विधवा से दरिंदगी की कोशिश, नशीला पेय पिलाकर कार में बनाया बंधक

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है,…

2 hours ago

Mumbai Taj Hotel Bomb Threat: ‘दाऊद ने रखा है बम…’, आधी रात को फोन कॉल से दहला मुंबई का ताज होटल, छावनी में तब्दील हुआ कोलाबा

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का मशहूर और ऐतिहासिक ताज पैलेस होटल (Taj Mahal…

2 hours ago

FIFA World Cup 2026: बिना मेसी के गोल के भी सेमीफाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना; स्विटजरलैंड को रौंदा, अब इंग्लैंड से होगा महामुकाबला

Highlights सेमीफाइनल का टिकट: क्वार्टर फाइनल में स्विटजरलैंड को 3-1 से हराकर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना…

3 hours ago