हनोई/नई दिल्ली। वियतनाम के खूबसूरत फू क्वोक (Phu Quoc) द्वीप से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार (11 जुलाई) को एक टूरिस्ट बोट पलटने से 15 भारतीय नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई।
ये सभी मृतक मशहूर भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड लावा मोबाइल्स (Lava Mobiles) से जुड़े हुए थे। कंपनी ने खुद इस त्रासदी की पुष्टि की है। जो सफर कामयाबी का जश्न मनाने और छुट्टियां बिताने के लिए शुरू हुआ था, वो समंदर की एक लहर के कारण हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया।
मृतकों के परिजनों के मुताबिक, यह वियतनाम ट्रिप लावा मोबाइल्स कंपनी की तरफ से उन डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को एक ‘इंसेंटिव’ (रिवॉर्ड) के तौर पर दी गई थी, जिन्होंने बिजनेस में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। कंपनी के अनुसार, मारे गए 15 लोगों में 14 डीलर्स-डिस्ट्रीब्यूटर्स और कंपनी का 1 कर्मचारी शामिल था।
भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, इस हादसे ने दक्षिण भारत के तीन राज्यों को गहरा जख्म दिया है:
| राज्य | मृतकों की संख्या | प्रमुख नाम |
| तमिलनाडु | 10 | जे. सेंथिल कुमार, ए. मुरुगा प्रभु, एस. श्रीधर, शेख अब्दुल्ला, एन. बालाजी, सी. बी. विनय कुमार, एस. रविशंकर, एस. संतोष कुमार, के. बाबू, एस. अलगुराजन। |
| आंध्र प्रदेश | 03 | मुडियम श्रीधर (कडप्पा), गेल्ली जयश्री (35 वर्ष, मछलीपट्टनम), एन रवि तेजा (41 वर्ष, श्री सत्य साईं)। [नोट: जयश्री के पति की हालत गंभीर है] |
| केरल | 02 | सी. थॉमस और उनकी पत्नी लोवेनी (कोट्टाराक्कारा)। |
इस भयानक हादसे में बाल-बाल बचे तमिलनाडु के रहने वाले मुरुगराज ने वो खौफनाक मंजर बयां किया। उन्होंने बताया:
“शनिवार सुबह हमारी नाव समंदर में तट से लगभग 2 किलोमीटर दूर जा चुकी थी। तभी अचानक पानी में एक बेहद ऊंची और शक्तिशाली लहर उठी। नाव पूरी तरह दाईं ओर झुक गई और संतुलन बिगड़ने से सभी यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। नाव पलटते समय समंदर का दबाव इतना था कि संभलने का मौका नहीं मिला। मैं और कुछ अन्य लोग किसी तरह खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकले और नाव की रेलिंग पकड़ ली, लेकिन कई लोग हमारी आंखों के सामने समंदर में समा गए।”
वियतनाम में हुई इस बड़ी मानवीय त्रासदी पर भारत के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
लावा मोबाइल्स ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उनकी टीमें वियतनाम में भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं। कंपनी का पूरा ध्यान इस समय कानूनी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराकर मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक और जल्द से जल्द भारत में उनके परिवारों तक पहुंचाने पर है।
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