नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस भले ही इस प्रदर्शन में सीधे तौर पर शामिल नहीं हो रही है, लेकिन पार्टी नेताओं के बयानों से उसे समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। चेन्नई रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि “ज्ञानेश कुमार जाएंगे और यह सरकार जाएगी। इसके बाद लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी।”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार जाएगी और फिर लोकतंत्र की मरम्मत होगी। इससे पहले कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
राहुल गांधी चेन्नई रवाना, कांग्रेस ने प्रदर्शन से बनाई दूरी
सीजेपी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन से कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी है। राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई के लिए रवाना हो गए, जहां वह छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है।
जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर हमला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजधानी को किले में बदल दिया गया है और हर तरफ भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले मतदान के अधिकार को लेकर चिंता जताने वाले युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से केंद्र सरकार घबरा गई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उठाए जा रहे सवालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
CEC की नियुक्ति और सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपनी नियुक्ति के बाद सरकार के फैसलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन के दौरान ऐसा कानून पारित किया गया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा दी गई।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी बन गया है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने के लिए चुनाव व्यवस्था में भरोसा बहाल करना जरूरी है।
SIR प्रक्रिया रोकने की मांग, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि इस प्रक्रिया को रोकना जरूरी है क्योंकि इससे बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार प्रभावित होने का आरोप है।
उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा कायम रखने के लिए SIR प्रक्रिया को रद्द करना जरूरी है।
CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा
सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से ही हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है।
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है, जबकि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।