स्वतंत्रता सेनानी गोपाल चंद्र मुखर्जी
कोलकाता हाईकोर्ट में स्वतंत्रता सेनानी गोपाल चंद्र मुखर्जी उर्फ ‘गोपाल पाठा’ के पोते शांतनु मुखर्जी ने फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ के खिलाफ याचिका दायर की है. उनका आरोप है कि फिल्म में उनके दादा की छवि को नकारात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई और जनता के बीच भ्रामक संदेश गया.
इतिहासकारों के अनुसार, डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान गोपाल मुखर्जी ने हिंदू युवाओं को संगठित कर मुस्लिम लीग की हिंसक भीड़ का मुकाबला किया था. उन्होंने कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में हिंसा रोकने और हजारों हिंदुओं को शरण देने में अहम भूमिका निभाई. माना जाता है कि उनकी कोशिशों से लगभग 10,000 हिंदुओं की जान बची और मुस्लिम लीग की योजना को करारा झटका लगा. उनकी कार्रवाइयों ने बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनने से रोका और यह संदेश दिया कि कोलकाता हिंदू बहुल रहेगा.
याचिकाकर्ता ने सेंसर बोर्ड (CBFC) को RTI के माध्यम से जानकारी मांगी और फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को लीगल नोटिस भेजा, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला. उन्होंने बाउबाजार थाने में भी शिकायत दर्ज कराई, पर कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही, सोशल मीडिया और यूट्यूब से भ्रामक सामग्री हटाने के प्रयास भी नाकाम रहे.
याचिका में मांग की गई है कि CBFC इस मामले की समीक्षा करे, फिल्म के विवादित अंश सुधारे जाएं और जांच पूरी होने तक विवेक अग्निहोत्री CBFC बोर्ड से इस्तीफा दें. साथ ही, अधिकारियों की लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई गई है.
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