आज के समय में एआई (AI) हमारे लिए एक दोस्त या मददगार की तरह हो गया है। ऑफिस का काम हो या दिल की कोई बात, हम घंटों जेमिनी (Gemini) जैसे चैटबॉट्स से बातें करते हैं। लेकिन क्या लगातार एआई से चिपके रहना सही है? गूगल को लगता है ‘नहीं’। इसीलिए, गूगल आपके मेंटल हेल्थ का ख्याल रखने के लिए जेमिनी में एक नया ‘वेलनेस’ (Wellness) फीचर ला रहा है।
आखिर क्या है वो ‘शॉर्ट ब्रेक’ फीचर?
सिंपल वर्ड्स में कहें तो, ये फीचर बिल्कुल यूट्यूब के ‘Take a Break’ रिमाइंडर जैसा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आप बहुत देर तक जेमिनी से चैट कर रहे हैं, तो स्क्रीन पर एक Pop-up आएगा, जो आपसे कहेगा की: “Try a short break” यानी “थोड़ी देर का ब्रेक लें”। ये आपको याद दिलाएगा कि अब स्क्रीन छोड़कर थोड़ा टहलने या पानी पीने का समय है।

“मैं इंसान नहीं हूँ”
इस फीचर की सबसे दिलचस्प बात वो मैसेज है जो गूगल आपको दिखाएगा। रिमाइंडर में लिखा होगा: “जब आप किसी ऐसी चीज़ से बात कर रहे हों जो इंसान नहीं है (AI), तो बीच-बीच में ब्रेक लेना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।”
दरअसल, कई बार हम एआई से बातें करते-करते इतने भावुक हो जाते हैं कि भूल जाते हैं कि सामने कोई इंसान नहीं, बल्कि एक प्रोग्राम है। गूगल चाहता है कि आप एआई को एआई ही समझें और इसके आदि न बनें।
ये बदलाव क्यों है ज़रूरी?
AI एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंसानों में AI को ‘इंसान’ समझने की आदत बढ़ रही है, जो भविष्य में मानसिक निर्भरता पैदा कर सकती है। गूगल ने बताया की इस नए कदम के 3 बड़े फायदे होंगे:
डिजिटल सेहत: आपकी आंखों और दिमाग को थोड़ा सुकून मिलेगा।
लत पर लगाम: आप एआई पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर नहीं होंगे।
हकीकत का एहसास: आप मशीन और असली दुनिया के बीच फर्क करना नहीं भूलेंगे।

आपको ये कब मिलेगा?
फिलहाल ये फीचर गूगल ऐप के बीटा वर्जन पर टेस्ट किया जा रहा है। इसका मतलब है कि अभी ये सिर्फ कुछ खास लोगों के लिए अवेलेबल है। टेस्टिंग पूरी होते ही इसे जल्द ही सभी एंड्रॉइड और आईफोन (iOS) यूजर्स के लिए रोल-आउट कर दिया जाएगा|