आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) एक गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम बनती जा रही है। यह बीमारी आज बड़े लोगों में एक समस्या बन चुकी है और दुनिया भर में करीब 10 प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में किडनी से जुड़ी बीमारियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में किडनी की सेहत को लेकर समय रहते ध्यान देना बेहद ज़रूरी है।
डाइट निभाती है अहम रोल
किडनी की हेल्थ पर हमारी डाइट का सीधा असर पड़ता है। फल, सब्ज़ियां, दालें, साबुत अनाज और नट्स जैसे फूड्स शरीर की अंदरूनी सेहत को बेहतर बनाते हैं और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। वहीं ज्यादा रेड मीट, तला-भुना खाना, प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक और एक्स्ट्रा चीनी किडनी पर ज़रूरत से ज्यादा दबाव डाल सकते हैं। प्लांट-बेस्ड और बैलेंस्ड डाइट में अनहेल्दी चीज़ों को लिमिट किया जाता है साथ ही नैचुरल और फ्रेश फूड पर फोकस किया जाता है। इससे सिर्फ किडनी ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत बेहतर रहती है, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहते हैं।

लंबे समय में दिखता है असर
जो लोग लंबे समय तक हेल्दी खानपान अपनाते हैं, उनमें किडनी से जुड़ी परेशानियों का खतरा कम देखा गया है। ऐसे लोग आमतौर पर अपने लाइफस्टाइल को लेकर ज्यादा जागरूक होते हैं, उनका वजन कंट्रोल में रहता है और हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसी समस्याओं का रिस्क भी कम होता है। ये सभी बातें मिलकर किडनी को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं।
शरीर के अंदर क्या बदलाव आते हैं
सही डाइट अपनाने से शरीर में नुकसान पहुंचाने वाले तत्व कम होते हैं और फायदेमंद तत्व बढ़ते हैं। इससे किडनी पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और खून को साफ करने की क्षमता बेहतर होती है। कुल मिलाकर, शरीर अंदर से ज्यादा बैलेंस में काम करने लगता है।
हर व्यक्ति पर अलग असर
यह ज़रूरी नहीं कि एक ही डाइट हर व्यक्ति पर बिल्कुल एक जैसा असर करे। जेनेटिक वजहें, आसपास का माहौल, हरियाली की मौजूदगी या कमी और रोज़मर्रा की आदतें भी इसमें भूमिका निभाती हैं। फिर भी, बैलेंस्ड और प्लांट-बेस्ड खानपान ज्यादातर लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है।

किन बातों का रखें ध्यान
किडनी को हेल्दी रखने के लिए नमक और चीनी कितना ले रहे हैं, इस पर ध्यान देना, भरपूर पानी पीना, घर का ताज़ा खाना खाना और रोज़ थोड़ा-बहुत एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है।
नतीजा
कुल मिलाकर, सही खानपान और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाकर किडनी की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी आदतों में किया गया बदलाव आगे चलकर बड़ी राहत दे सकता है।