नई दिल्ली: सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारत में जहां 19 अगस्त की सुबह सोने के भाव में गिरावट आई थी, वहीं शाम तक तेजी लौट आई। अब 20 अगस्त को एमसीएक्स पर सोना 639 रुपये की बढ़त के साथ 1,58,590 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। सोने की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स और बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट को अहम वजह माना जा रहा है।
20 अगस्त को फिर चढ़ा सोने का भाव
20 अगस्त को एमसीएक्स पर कारोबार शुरू होते ही सोने की कीमत में 639 रुपये की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही सोना 1,58,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी ने भी बाजार खुलते ही तेज रफ्तार पकड़ी। इसकी कीमत 3,466 रुपये बढ़कर 2,40,219 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। शुरुआती कारोबार में चांदी करीब 1.45 फीसदी मजबूत हुई।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर कुछ अलग रही। स्पॉट गोल्ड करीब 25 डॉलर गिरकर 4,498 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
सुबह गिरा था सोना, शाम तक फिर पलट गई चाल
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी भाव पर नजर डालें तो 19 अगस्त को सोने की कीमत में सुबह गिरावट आई थी, लेकिन दिन खत्म होने तक बाजार ने पूरी तरह पलटी मार दी।
24 कैरेट सोना सुबह 1,52,884 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो शाम तक बढ़कर 1,53,868 रुपये हो गया। इसी तरह 22 कैरेट सोने का भाव 1,40,042 रुपये से बढ़कर 1,40,943 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।
18 कैरेट सोने की कीमत भी सुबह के 1,14,663 रुपये से बढ़कर शाम को 1,15,401 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। चांदी का भाव भी 2,27,392 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,29,225 रुपये पहुंच गया।
अमेरिका की बैठक के बाद अचानक क्यों उछला सोना?
सोने की कीमतों में अचानक आई तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स को अहम कारण माना जा रहा है। मिनट्स जारी होने के बाद रात करीब 10 बजे के बाद एमसीएक्स पर सोने की कीमत अचानक 3,861 रुपये तक उछल गई। इसी दौरान चांदी में भी 4,610 रुपये तक की तेजी दर्ज हुई।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 19 साल के ऊंचे स्तर से तेजी से नीचे आई। इसके बाद अमेरिकी ट्रेजरी ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड के लिए लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक का आकार दोगुना करने का ऐलान किया। बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट से सोने को सहारा मिला और इसकी कीमतों में तेजी लौट आई।
ईरान युद्ध से लेकर डॉलर तक, इन वजहों का भी असर
सोने की कीमत केवल एक कारण से तय नहीं होती। वैश्विक बाजार में भारी मुनाफावसूली के कारण सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली थी। वहीं भारतीय बाजार में ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और डॉलर की चाल जैसे कई कारक कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
महंगाई बढ़ने की आशंका भी बाजार के लिए अहम है। बढ़ती महंगाई के बीच ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदें भी सोने की कीमत पर असर डालती हैं।
त्योहारी सीजन में और महंगा हो सकता है सोना?
भारत में त्योहारी और शादी का सीजन शुरू होने वाला है। गणेश चतुर्थी, दशहरा, दिवाली और धनतेरस जैसे मौकों पर सोने की मांग आमतौर पर बढ़ती है। इसके अलावा शादियों के सीजन में भी सोने की खरीदारी तेज होती है।
मांग में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी और शादी के सीजन में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है।