फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सोमवार शाम खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से भीषण हादसा हो गया। तेज धमाके के बाद दो मंजिला मकान भरभराकर ढह गया। हादसे में एक मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हैं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा।
मलवां कस्बा निवासी फल दुकानदार सुरेश गुप्ता के मुताबिक, सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी उमा घर में खाना बना रही थीं। उस समय उनकी 14 वर्षीय बेटी लक्ष्मी भी रसोई में मौजूद थी। अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। दोनों चीखते हुए बाहर की तरफ भागीं, तभी जोरदार धमाका हुआ और दो मंजिला मकान देखते ही देखते ढह गया।
हादसे के वक्त घर में मौजूद 17 वर्षीय कुनाल, 10 वर्षीय कार्तिक, 24 वर्षीय आलोक, 10 वर्षीय वेद, 13 वर्षीय अर्पित, छह वर्षीय यश उर्फ टुकटुक और देवरानी पूजा मलबे में दब गए।
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों की मदद से मलबा हटाकर सभी सात लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने सगे भाई वेद गुप्ता और अर्पित गुप्ता, यश गुप्ता और कुनाल को मृत घोषित कर दिया।
वहीं आलोक, कार्तिक और पूजा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आलोक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद देर शाम जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज जाकर भी हादसे की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में गैस सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। जिस जगह सिलेंडर रखा था, उसके पास ही सोलर पैनल की बैटरियां भी रखी थीं। आशंका जताई जा रही है कि सिलेंडर के साथ बैटरियों में भी विस्फोट हुआ, जिससे धमाका इतना तेज हुआ कि पूरा दो मंजिला मकान ढह गया।
मलबे से सात लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका नहीं जताई गई है। इसके बावजूद पुलिस ने एहतियात के तौर पर राज्य आपदा मोचन बल को मौके पर बुलाया।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बिजली विभाग की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है। रात में भी मलबा हटाने का काम जारी रखा जाएगा। हादसे की वजह की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की गई है।
सुरेश गुप्ता के मकान में हुए विस्फोट का असर आसपास के घरों तक पहुंचा। शिवमोहन, अनमोल, चुन्नी, ननकू, रूपा, रामू गुप्ता और रामकृष्ण द्विवेदी के मकान भी धमाके से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
कहीं मकान की छत टूट गई तो कहीं लिंटर की बीम में दरारें आ गईं। रामकृष्ण द्विवेदी के घर की खिड़कियां चटक गईं। वहीं रामू गुप्ता के मकान का टीनशेड उखड़ गया। उसके नीचे उनकी कार और बाइक दब गईं।
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