पेरिस। क्ले कोर्ट के सबसे बड़े महाकुंभ ‘फ्रेंच ओपन 2026’ में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित हो गया है, जिसने टेनिस जगत के बड़े-बड़े दिग्गजों को चौंका दिया है। पोलैंड की 24 वर्षीय टेनिस सनसनी माजा ख्वालिंस्का (Maja Chwalinska) ने महिला सिंगल्स के फाइनल में प्रवेश कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह फ्रेंच ओपन के इतिहास में फाइनल तक का सफर तय करने वाली पहली क्वालिफायर खिलाड़ी बन गई हैं।
क्या होता है ‘क्वालिफायर’ के तौर पर फाइनल में पहुंचना?
टेनिस में मुख्य ड्रॉ में सीधे एंट्री न मिलने पर खिलाड़ियों को पहले क्वालिफाइंग राउंड के मुकाबले खेलने पड़ते हैं। माजा ख्वालिंस्का ने भी पहले कड़े क्वालिफाइंग मैच जीते, मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई और फिर एक के बाद एक दिग्गजों को धूल चटाते हुए खिताबी मुकाबले (Final) का टिकट कटाया।
ओपन एरा में ऐसा करने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी
माजा ख्वालिंस्का का यह प्रदर्शन सिर्फ फ्रेंच ओपन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टेनिस इतिहास (Open Era) में वह बतौर क्वालिफायर किसी भी ग्रैंड स्लैम के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली दुनिया की दूसरी महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
- एम्मा राडुकानू का रिकॉर्ड: इससे पहले साल 2021 के यूएस ओपन (US Open) में ब्रिटेन की एम्मा राडुकानू ने बतौर क्वालिफायर फाइनल में पहुंचकर खिताब जीता था।
- 5 साल बाद दोहराया इतिहास: अब ठीक 5 साल बाद माजा ने इस करिश्मे को क्ले कोर्ट (French Open) पर दोहरा दिया है।
सेमीफाइनल में रूसी खिलाड़ी को दी मात, अब ‘मीरा एंडरीवा’ से महामुकाबला
माजा ख्वालिंस्का ने सेमीफाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में रूस की स्टार खिलाड़ी डायना श्नेडर (Diana Shnaider) को शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना टेनिस की टीनएज सनसनी मीरा एंडरीवा (Mirra Andreeva) से होगा। मीरा एंडरीवा ने भी दूसरे सेमीफाइनल में यूक्रेन की मार्टा कॉस्ट्यूक को हराकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई है। ऐसे में इस बार फ्रेंच ओपन को एक बिल्कुल नया चैंपियन मिलना तय है।
रैंकिंग में लगेगा 100 पायदान का महा-उछाल! फ्रेंच ओपन 2026 की शुरुआत से पहले माजा ख्वालिंस्का की वर्ल्ड रैंकिंग महिला सिंगल्स में 114वीं थी। लेकिन इस ऐतिहासिक सफर के बाद उनकी किस्मत बदलने वाली है। अगर माजा फाइनल मुकाबला जीत जाती हैं, तो वह रैंकिंग में सीधे 100 पायदान की लंबी छलांग लगाकर दुनिया के 14वें नंबर की खिलाड़ी बन जाएंगी।