मुंबई / नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू बॉन्ड बाजार (Indian Bond Market) के लिए एक बेहद शानदार खबर है। केंद्र सरकार द्वारा विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स नियमों में दी गई हालिया रियायतों (Tax Relaxations) का जादुई असर दिखने लगा है। पिछले कुछ महीनों तक भारतीय बाजार से दूरी बनाने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) अब भारतीय सरकारी बॉन्ड्स (Government Bonds) पर टूट पड़े हैं।
भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (CCIL) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने के शुरुआती 20 दिनों में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में 35,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश कर दिया है।
इस रिकॉर्ड निवेश के पीछे सरकार और आरबीआई (RBI) की जुगलबंदी है, जिसने विदेशी फंड्स के लिए भारत में पैसा लगाना बेहद फायदेमंद बना दिया है:
विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ‘फ्री-इन्वेस्टमेंट रूट’ (FAR) के तहत विदेशी पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी में कुछ ही दिनों में रिकॉर्ड उछाल आया है।
| समय सीमा / महीना | भारतीय FAR सिक्योरिटीज में FPI निवेश (रुपये में) |
| 03 जून, 2026 | 3.23 लाख करोड़ |
| 23 जून, 2026 | 3.58 लाख करोड़ (सिर्फ 20 दिन में 35,000 करोड़ की बढ़ोतरी) |
| मई 2026 | 5,512.10 करोड़ |
| अप्रैल 2026 | 5,262.01 करोड़ |
| मार्च 2026 | 17,687.98 करोड़ (निकासी/Outflow) |
इस अध्यादेश से पहले विदेशी निवेशकों को भारत में लिस्टेड शेयरों और बॉन्ड्स पर 12 महीने से अधिक समय तक रखने पर 12.5% का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता था। इसके अलावा, सरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाले ब्याज पर 20% का विदहोल्डिंग टैक्स (TDS) भी कटता था। इस भारी टैक्स स्ट्रक्चर के हटने से विदेशी निवेशकों का नेट रिटर्न (Net Return) काफी आकर्षक हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है: सरकार और आरबीआई के इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय बॉन्ड बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह (Foreign Capital Inflow) को बढ़ाना और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच भारतीय रुपये (INR) को मजबूती प्रदान करना है। जिस रफ्तार से डॉलर भारत आ रहा है, उससे रुपये को सीधे तौर पर सपोर्ट मिलेगा।
आरा। बिहार के भोजपुर (आरा) का बिलौटी गांव इस वक्त एक बड़े सियासी और सामाजिक…
टीवी और फिल्म अभिनेत्री मौनी रॉय इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में…
IPL 2027 से पहले हुए हाई-प्रोफाइल ट्रेड ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज…
कहते हैं कि राजनीति में सबसे बड़ा योद्धा वह नहीं होता जो युद्ध के मैदान…
सोशल मीडिया पर गॉसिप्स और अफवाहों का बाजार जितनी तेजी से गर्म होता है, उतनी…
लखनऊ। आईपीएल 2027 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) में बड़े बदलाव देखने को मिल…