Trending News

माली संकट के बीच पांच भारतीयों का अपहरण, ईंधन नाकेबंदी और जिहादी खतरे से मचा हड़कंप ! — विदेश मंत्रालय अलर्ट पर

पश्चिम अफ्रीका का अस्थिर देश माली एक बार फिर सुर्खियों में है. गुरुवार को यहां पांच भारतीय इंजीनियरों का अपहरण हो गया, जो एक विद्युत परियोजना पर काम कर रहे थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश पहले से ही अल-कायदा से जुड़े जिहादी संगठन JNIM की ईंधन नाकेबंदी और सैन्य जंटा शासन की अव्यवस्था से जूझ रहा है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि माली सरकार के साथ संपर्क और समन्वय जारी है, ताकि अपहृत भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा सके.

क्या है पूरा मामला?

फ्रांस की समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, यह अपहरण कोबरी क्षेत्र में हुआ है, जहां भारतीय इंजीनियर एक पावर प्रोजेक्ट पर कार्यरत थे. कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि बाकी भारतीय कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से तत्काल राजधानी बामाको पहुंचा दिया गया है. अभी तक किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि JNIM या कोई अन्य अल-कायदा ग्रुप इसके पीछे हो सकता है.

यह पहली बार नहीं है — सितंबर 2025 में भी JNIM ने दो अमीराती और एक ईरानी इंजीनियर का अपहरण किया था, जिन्हें कथित तौर पर 50 मिलियन डॉलर की फिरौती के बाद छोड़ा गया था. अब विदेशी कंपनियां माली से अपने कर्मचारियों को निकाल रही हैं, और फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है.

माली का संकट और बिगड़ती स्थिति

माली 2012 से आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता की चपेट में है. 2020 और 2021 के तख्तापलट के बाद कर्नल असिमी गोइता की जंटा सरकार देश चला रही है. लेकिन शासन पर लोकतंत्र खत्म करने और दमन करने के आरोप लग रहे हैं. मई 2025 में तो सभी राजनीतिक दलों को भंग कर दिया गया था.

इधर, JNIM ने सितंबर 2025 से ईंधन घेराबंदी कर रखी है. राजधानी बामाको के चारों ओर मुख्य राजमार्ग बंद हैं, 200 से ज़्यादा ईंधन ट्रक जला दिए गए, और पेट्रोल की कीमतें 400% तक बढ़कर 130 डॉलर प्रति लीटर पहुंच गई हैं. हालात इतने खराब हैं कि स्कूल बंद, बिजली कटौती, और अस्पतालों की सेवाएं ठप हैं.

देश के उत्तर, मध्य और पश्चिम इलाकों में JNIM के करीब 6,000 लड़ाके सक्रिय हैं, जो शरिया कानून लागू कर रहे हैं. फ्रांसीसी और संयुक्त राष्ट्र सेनाओं को माली ने पहले ही निकाल दिया है और अब रूसी “अफ्रीका कोर” पर निर्भर है — लेकिन जुलाई 2024 में हुए हमले में दर्जनों रूसी सैनिक मारे गए थे.

भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा है, “हम माली सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और अपहृत भारतीयों की सुरक्षित रिहाई के लिए हरसंभव कदम उठा रहे हैं. भारतीय समुदाय से सतर्क रहने की अपील की जाती है.”
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र और ECOWAS से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि माली में तेजी से बिगड़ती स्थिति पर काबू पाया जा सके.

अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो विशेषज्ञों का मानना है कि बामाको पर JNIM का कब्जा पश्चिम अफ्रीका के अन्य देशों — आइवरी कोस्ट, टोगो और बेनिन — तक जिहादी प्रभाव फैला सकता है. माली इस वक्त “फ्यूल, फियर और फोर्स” के त्रिकोण में फंसा हुआ है — और अब उसमें फंसे हैं पांच भारतीय, जिनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद की जा रही है.

Gopal Singh

Recent Posts

PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मिली जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी मेलबर्न पुलिस

मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां…

15 minutes ago

‘नेतन्याहू जानते हैं बॉस कौन है…’ ट्रंप का बड़ा दावा, अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में हो सकती है अहम मुलाकात, मिडिल ईस्ट पर बन सकती है नई रणनीति

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान…

30 minutes ago

केतन मर्डर केस के बीच परिवार पर टूटा एक और दुख! सदमा नहीं सह पाए दादा, इलाज के दौरान हुई मौत

पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड से सदमे में डूबे अग्रवाल परिवार पर एक और बड़ा दुख…

32 minutes ago

1 अगस्त से बदलेगी शुक्र की चाल! मेष समेत इन 7 राशियों पर होगी धनवर्षा, नौकरी में पदोन्नति और कारोबार में मिल सकती है बड़ी सफलता

नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव, प्रेम, ऐश्वर्य, कला और भौतिक…

33 minutes ago

5 जुलाई 2026 का राशिफल: इन राशियों को मिलेगा लाभ, कुछ को रहना होगा सतर्क, जानें अपना आज का भविष्यफल

मेष राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यावसायिक गतिविधियों में परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन…

35 minutes ago

ममता की करीबी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने क्यों छोड़ा टीएमसी का साथ? इस्तीफे के बाद खुद बताई वजह, TMC चीफ बोलीं- यह फैसला अचानक नहीं था

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की…

43 minutes ago