Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: प्रेम-पत्रों और डायरियों से भरा बक्सा, शादी पर पति की प्रेमिका का हंगामा…क्यों हमेशा चर्चा में रहा प्रख्यात लेखिका मन्नू भण्डारी का विवाह ?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > फीचर > प्रेम-पत्रों और डायरियों से भरा बक्सा, शादी पर पति की प्रेमिका का हंगामा…क्यों हमेशा चर्चा में रहा प्रख्यात लेखिका मन्नू भण्डारी का विवाह ?
फीचर

प्रेम-पत्रों और डायरियों से भरा बक्सा, शादी पर पति की प्रेमिका का हंगामा…क्यों हमेशा चर्चा में रहा प्रख्यात लेखिका मन्नू भण्डारी का विवाह ?

news desk
Last updated: October 10, 2025 4:32 pm
news desk
Share
लेखिका मन्नू भण्डारी का विवाह
लेखिका मन्नू भण्डारी का विवाह
SHARE

विवाह ! हर स्त्री न जाने कितने सपने, कितनी आकांक्षाएं लेकर इस नए जीवन में प्रवेश करती है. खुशियों से भरी उम्मीदें, भविष्य की योजनाएं और जीवन साथी के साथ साझा होने वाले पल—सब कुछ उसके मन में रंग भरते हैं. पर हिंदी की जानी-मानी लेखिका मन्नू भण्डारी का प्रेम-विवाह उनके जीवन की कितनी बड़ी त्रासदी बना इसकी कल्पना भी आप नहीं कर सकते. मन्नू भण्डारी अपनी आत्मकथा ‘ एक कहानी यह भी ‘ में अपने पति और स्त्री-विमर्श के पुरोधा रहे राजेंद्र यादव से जुड़े ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे करती हैं.

जब घरवालों के सामने राजेंद्र यादव ने किया था मन्नू भण्डारी को प्रपोज़

हमने पिछला सबकुछ भुला कर मन की ‘खाली स्लेट’ के साथ अपने जीवन की शुरुआत की थी. राजेंद्र यादव के साथ प्रेम-संबंध पर मन्नू भण्डारी यही कहती हैं. इसके साथ ही उनकी मोहब्बत इस कदर परवान चढ़ी थी कि कुछ ही समय में राजेंद्र यादव ने मन्नू भण्डारी के घरवालों के सामने उनका हाथ पकड़कर कह डाला था कि ‘रस्म-रिवाज़ में तो मेरा बहुत ज़्यादा विश्वास नहीं, पर वी आर मैरिड !’

देखने में तो लेखक-लेखिका की यह जोड़ी परफैक्ट थी, लेकिन कुछ ही समय बाद, यह विवाह मन्नू जी के लिए उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी में बदल गई.

  • कौन थी वो लेखिका जिसकी एक झलक पर दिल हार बैठे थे रियासत के महाराजा, हेयरस्टाइल ऐसी कि शहर में होने लगी चर्चा?   

दरअसल मन्नू भण्डारी को यह पता ही नहीं था कि शादी से पहले राजेंद्र ने जिस महिला ( जिसे राजेंद्र ‘मीता’ नाम से बुलाते थे ) के साथ अपने प्रेम-संबंध को अतीत बताया था, वह अभी भी उनके साथ रिलेशन में थी. इसके बाद राजेन्द्र के इस लव-ट्रायंगल ने मन्नू जी के वैवाहिक जीवन को नर्क बना दिया था. इस तरह जिस चमकदार शुरुआत ने सबका दिल जीत लिया था, वही कुछ समय में दर्द और झूठ के साये में दब गई थी.

एक तरफ प्रेमिका के आंसू दूसरी तरफ शादी की रस्में, कितने तूफानों में घिरे बैठे रहे राजेंद्र यादव

अपने विवाह के पहले दिन का जिक्र करते हुए मन्नू जी लिखती हैं कि 22 नवम्बर को शादी के बाद जब वे राजेन्द्र यादव के साथ आगरा में ससुराल पहुंचती हैं तो यह उनके लिए एक नए जीवन की दहलीज़ पर कदम रखने जैसा अहसास था.

दरवाज़े पर आरती और द्वार-रुकाई की रस्म ने मानो स्वागत की खुशी को और गाढ़ा कर दिया था. घर के आंगन में बाई, बहनें और औरतों का जमावड़ा था और रस्मों की चहल-पहल भी थी. वे बताती हैं कि मैं घर के आंगन में पटरे पर बैठीं शादी की रस्में कर रहीं थीं, और जिस स्थिति की मैं दूर-दूर तक कभी स्वप्न में भी कल्पना नहीं कर सकती थी, उस स्थिति से गुज़रते हुए राजेन्द्र मेरे पास बैठे थे… मीता की मित्र का कमरा…लगातार रोती हुई मीता और झूठ, छल, प्रपंच के आरोपों की बौछार करती, धिक्कार-भरी शब्दावली में फटकारती मीता की मित्र… राजेन्द्र सब सुनते हुए भी जैसे पत्थर की तरह मौन बैठे रहे थे.

  • आखिरी दिनों में अपनी लव स्टोरी का राज बताते हुए क्यों झिझक रहे थे मुंशी प्रेमचंद? पत्नी के जवाब पर रह गए थे हैरान.

वे आगे बताती हैं कि मन में न जाने कितने तूफानों की हलचल झेलते हुए भी निश्चल, निस्पन्द बैठे राजेन्द्र आखिर कुछ देर बाद मेरे पास से उठकर जाते हैं और खुद ही हिम्मत करके मीता के आंसू पोंछते हैं. न सिर्फ राजेन्द्र जी मीता के उसके आंसू पोंछते हैं बल्कि उसका हाथ पकड़कर उम्मीद और आश्वासन देते हुए कहते हैं कि “शादी मैंने जरूर मन्नू से कर ली है, पर हमारा-तुम्हारा संबंध तो जैसा है, वैसा ही रहेगा. शादी में वैसे भी मेरा कोई विश्वास नहीं… सो यह बन्धन मेरे तुम्हारे बीच कभी बाधा नहीं बन सकेगा.”
मन्नू यह सुनकर चौंक उठती हैं पर फिर स्थिति की संवेदनशीलता समझते हुए वे चुपचाप बैठी रहती हैं.

वे कहती हैं कि जब रात को राजेन्द्र उनके पास आए तो उनकी रगों में लहू नहीं, अपने किए का अपराध-बोध, मीता के आंसू और उसकी मित्र की धिक्कार-भरी फटकारें बह रही थीं… बिलकुल ठंडे और निरुत्साहित. और फिर यह ठंडापन हमेशा के लिए उनके सम्बन्धों के बीच जैसे स्थायी भाव बनकर जम गया था…

  • जब नग्न देवदासी रूना की सुंदरता पर मर मिटा देव पुत्र एंकिदू…, क्या सम्राट गिलगमेश की अमृत खोज हो पाई पूरी?
राजेंद्र यादव और मन्नू भण्डारी
राजेंद्र यादव और मन्नू भण्डारी

जब मन्नू भण्डारी के हाथ लगी राजेंद्र यादव के प्रेम-पत्रों से भरे बक्से की चाभी

एक दिन राजेन्द्र यादव कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहे थे और इसी वक्त पलंग के नीचे रखे उनके एक ‘खास’ बक्से की चाभी किसी तरह मन्नू भण्डारी के हाथ लग गई. उन्होंने चुपचाप बक्से का ताला खोलकर चाभी को अपनी जगह सरकाकर रख दिया और राजेंद्र के जाने के बाद बक्से को खोला. वे कहती हैं ‘पत्रों और डायरियों से भरा वह बक्सा मेरे सामने खुला पड़ा था…सारी घटनाओं, स्थितियों, संवादों और मानसिक दशाओं के विस्तृत ब्योरों से भरी वह डायरी मेरे हाथ में थी. बहते आंसुओं के बीच मैं उसे पढ़े जा रही थी और लग रहा था जैसे मेरे पांव के नीचे की जमीन ही सरकती जा रही है.’
वे बताती हैं कि राजेंद्र की इस समानान्तर जिन्दगी ने हमारी छतें तो पहले ही अलग कर दी थी, अब जमीन भी खींच ली…‘इतना बड़ा धोखा…ऐसा छल..अब इस सम्बन्धहीन सम्बन्ध को लेकर कहां खड़ी रहूंगी. कैसे खड़ी रहूंगी ?’

क्यों वर्षों तक राजेंद्र यादव को नहीं छोड़ पाईं मन्नू भण्डारी ?

मन्नू जी अपनी आत्मकथा में बताती हैं कि जब भी उन्होंने इस संबंध से निकलने का फैसला लिया, हमेशा राजेंद्र ने उन्हें रोक लिया. इस घटना के बाद जब उन्होंने राजेन्द्र से अपने साथ हुए इस धोखे की बात की तब राजेद्र ने रोते हुए कहा था कि ‘ मन्नू, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा ब्लैक स्पॉट है. तुम्हीं मुझे इससे उबार सकती हो. देखो, तुम मुझे छोड़कर मत जाना. तुम मुझे छोड़कर नहीं जाओगी…’ वे कहती हैं कि दयनीयता में लिपटे , अन्तरात्मा से निकले राजेंद्र के इस आग्रह में न झूठ की गन्ध थी, न छल का आभास आता था. उन्होंने जब भी इस रिश्ते को तोड़ने की बात सोची राजेंद्र के आंसू, उनकी कातरता मन्नू भण्डारी के सारे संकल्प को बहा देते थे.
लेखकों का निजी जीवन अक्सर उनके साहित्यिक व्यक्तित्व जितना ही जटिल और विवादस्पद रहा है. निजी संबंध, प्रेम-प्रसंग, आर्थिक संघर्ष और मानसिक उलझनें अक्सर उनकी पर्सनल लाईफ को अंधेरे में डुबा देती हैं. हालांकि मन्नू भण्डारी और राजेंद्र यादव की निजी जिंदगी साहित्य-विमर्श में खासा चर्चा का विषय रही.

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #biography, #ekkahaniyehbhi, #ekplatesailab, #feminism, #hans, #HindiKahaniya, #HindiLiterature, #HindiSahitya, #indianpresshouse, #LoveStory, #mahabhoj, #manubhandari, #NETJRF, #rajendrayadav, #trishanku
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article छिंदवाड़ा केस डॉक्टर गिरफ्तार छिंदवाड़ा केस : एक्शन मोड में आया प्रशासन, पर्ची पर मौत लिखने वाला डॉक्टर गिरफ्तार! फार्मास्यूटिकल कंपनी पर भी केस दर्ज
Next Article हापुड़ के बृजघाट में बड़ा हादसा टला हापुड़: रेलिंग तोड़कर गंगा के ऊपर झूलती रह गई बस, अफरा-तफरी में चीखों से गूंजा पुल— ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा होते होते टला

फीचर

View More

जब एक महिला ने तोड़ी परंपराएं! जानिए भारत की पहली महिला IPS Kiran Bedi की प्रेरणादायक सफ़र

भारत में एक समय ऐसा भी था जब पुलिस की वर्दी को केवल पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। महिलाओं…

By news desk 5 Min Read

आख़िर धरती क्यों हिलती है और भूकंप क्यों आते हैं? जानिए इसके पीछे का असली वैज्ञानिक कारण

धरती पर जब अचानक कंपन महसूस होता है, इमारतें हिलने लगती हैं…

8 Min Read
एयर कंडीशनर

AC का आविष्कार इंसानों के लिए नहीं, कागज बचाने के लिए हुआ था! जानिए कैसे एक प्रिंटिंग प्रेस की समस्या ने बदल दी दुनिया

नई दिल्ली: भीषण गर्मी के दौर में एयर कंडीशनर अब लोगों की…

5 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

फीचर

जब एक महिला ने तोड़ी परंपराएं! जानिए भारत की पहली महिला IPS Kiran Bedi की प्रेरणादायक सफ़र

भारत में एक समय ऐसा भी था जब पुलिस की वर्दी को केवल पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था। महिलाओं…

5 Min Read
फीचर

आख़िर धरती क्यों हिलती है और भूकंप क्यों आते हैं? जानिए इसके पीछे का असली वैज्ञानिक कारण

धरती पर जब अचानक कंपन महसूस होता है, इमारतें हिलने लगती हैं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आते…

8 Min Read
एयर कंडीशनर
फीचर

AC का आविष्कार इंसानों के लिए नहीं, कागज बचाने के लिए हुआ था! जानिए कैसे एक प्रिंटिंग प्रेस की समस्या ने बदल दी दुनिया

नई दिल्ली: भीषण गर्मी के दौर में एयर कंडीशनर अब लोगों की जरूरत बनता जा रहा है। घर, दफ्तर, मॉल,…

5 Min Read
कॉकरोच
फीचर

कॉकरोच आखिर दुनिया भर में कैसे फैल गए? 30 करोड़ साल पुराना जीव, भारत से शुरू हुई ‘जर्मन कॉकरोच’ की कहानी

नई दिल्ली: इन दिनों ‘कॉकरोच’ शब्द सिर्फ एक कीड़े तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?